खूंटी में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान रहे बंद, रनिया में माओवादियों ने चिपकाया पोस्टर

News Aroma Media
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खूंटी: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माआवोदी के के टॉप कंमाडर किशन दा उर्फ प्रशांत बोस और उसकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तार के विरोध में नक्सलियों द्वारा शनिवार को आहूत बंद का खूंटी जिले में मिलाजुला असर रहा।

जिला मुख्यालय में सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर रहा। तोरपा, रनिया, अड़की, मुरहू आदि क्षेत्रों में बंद असरदार रहा। लंबे अंतराल के बाद रनिया क्षेत्र में माओवादियों ने एक बार फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है।

रनिया चौक में लगे थाना का बोर्ड में पोस्टर और रनिया के नजदीक तांबा गांव में लाल कपड़े पर केंद्रीय कमेटी व पोलित ब्यूरो सदस्य तथा पूर्वी रीजनल ब्यूरो सचिव किसन दा उर्फ प्रशांत बॉस और केंद्रीय कमेटी सदस्य शीला मरांडी की गिरफ्तारी के खिलाफ पांच दिवसीय प्रतिरोध दिवस तथा एकदिवसीय भारत बंद को सफल बनाने का आह्वान किया गया है।

पोस्टर में पूर्वी रीजनल ब्यूरो भाकपा माओवादी का पद अंकित है।

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पोस्टरबाजी की जानकारी प्राप्त होते ही रनिया थाना पुलिस ने शनिवार सुबह लगाए गए पोस्टर को जब्त कर छानबीन शुरू कर दी है।

माओवादी बंद को लेकर रनिया में सुबह से ही दुकानें बंद हैं। जिला मुख्यालय में पेट्रोल पंप, बैंक, सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज सभी बंद रहे लेकिन यात्री वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा।

वाहनों का परिचालन नहीं होने से समाहरणालयख, कचहरी आदि जगहों पर लेागों की भीड़ अन्य दिनों से कम रही।

यात्री वाहनों के नहीं चलने से रांची-सिमडेगा रोड सहित अन्य इलाकों में लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ा।

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