KLF ने इस साल से 11 क्षेत्रीय भाषाओं में Book Awards की शुरुआत की

News Aroma Media
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नई दिल्ली: 2022 कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल (Kalinga Literary Festival) बुक अवार्डस अब नामांकन के लिए खुले हैं।

पुरस्कारों को विपुल और प्रेरक लेखकों और कवियों को पहचानने और मनाने के लिए स्थापित किया गया है।

वहीं पुरस्कार विजेताओं को नामित करने और अंतिम रूप देने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जूरी की स्थापना की गई है।

पुरस्कार विजेताओं को उनकी विशिष्ट भाषा और शैली में उनके योगदान के साथ-साथ समकालीन अपील और उनके काम की प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए चुना जाएगा।

पुस्तकें कैलेंडर वर्ष 2021 या 2022 में प्रकाशित होनी चाहिए

इस साल से केएलएफ 11 क्षेत्रीय भाषाओं में पुरस्कार देगा। जैसे ओडिया, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, मराठी, नेपाली, बंगाली, असमिया, गुजराती और मैथिली।

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केएलएफ की संस्थापक और अध्यक्ष रश्मि रंजन परिदा ने साहित्य, विशेष रूप से इतिहास, भारतीय साहित्य, संगीत, नृत्य और आध्यात्मिक साहित्य पर ध्यान देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने केएलएफ के पिछले सात संस्करणों को भारत और दुनिया भर के दर्शकों से मिली अपार सकारात्मक प्रतिक्रिया पर प्रसन्नता व्यक्त की।

पुस्तक पुरस्कार समारोह हर साल भुवनेश्वर में आयोजित वार्षिक केएलएफ के दौरान आयोजित किया जाएगा।

पुस्तकें कैलेंडर वर्ष 2021 या 2022 में प्रकाशित होनी चाहिए। प्रत्येक श्रेणी में सबमिशन का मूल्यांकन एक स्वतंत्र जूरी द्वारा समग्र सामग्री, डिजाइन की गुणवत्ता और उत्पादन के आधार पर किया जाता है।

जीतने पर एक पुरस्कार, एक ट्रॉफी और पुरस्कार विजेता पुस्तकों पर प्रदर्शन के लिए एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया प्रशस्ति पत्र शामिल है।

प्रत्येक श्रेणी में शॉर्टलिस्ट किए गए शीर्षक अक्टूबर की शुरूआत में जारी किए जाएंगे। विजेताओं की घोषणा 2022 के अक्टूबर अंत तक की जाएगी।

पुरस्कारों के लिए विभिन्न श्रेणियों में फिक्शन बुक अवार्ड (तीन पुरस्कार), नॉन-फिक्शन बुक अवार्ड (तीन), पोएट्री बुक अवार्ड (तीन), महिला/दलित/आदिवासी साहित्य पुस्तक पुरस्कार (दो) शामिल हैं।

चिल्ड्रन बुक अवार्ड (दो), बिजनेस बुक अवार्ड (दो), ट्रांसलेशन बुक अवार्ड (दो), डेब्यू बुक अवार्ड (एक), लाइफस्टाइल एंड इमजिर्ंग ट्रेंड बुक अवार्ड (एक)।

केएलएफ भाषा पुस्तक पुरस्कार: उड़िया, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, मराठी, नेपाली, बंगाली, असमिया, गुजराती, मैथिली और विशेष प्रशस्ति पत्र।

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