झारखंड : नक्सलियों ने ली रेलवे ट्रैक उड़ाने की जिम्मेदारी

News Aroma Media
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लातेहार: भाकपा माओवादियों ने बंद के दौरान लातेहार में रेल पटरी को उड़ाने की जिम्मेवारी ले ली है।

नक्सलियों ने घटनास्थल पर पर्चा फेंक कर वारदात की पुष्टि की है। लातेहार के डेमू-रिचुघुटा रेलवे स्टेशन के बीच शुक्रवार की देर रात रेलवे पटरी को विस्फोट कर उड़ा

दिया। इस घटना के बाद रेलवे लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। घटना के बाद माओवादियों ने घटनास्थल पर परचा फेंक कर घटना की जिम्मेदारी ली है और माओवादी नेता प्रशांत बोस उनकी पत्नी शीला मरांडी की रिहाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार भाकपा माओवादियों ने प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में 20 नवंबर को झारखंड बंद की घोषणा की है।

इसी बंदी को सफल बनाने के लिए माओवादियों ने रेलवे ट्रैक को विस्फोट कर उड़ा दिया। विस्फोट काफी शक्तिशाली था इस कारण रेलवे ट्रक का अप और डाउन दोनों पटरी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

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घटना के थोड़ी देर बाद रेलवे ट्रैक से एक इंजन गुजरा जो क्षतिग्रस्त पटरी के कारण दुर्घटनाग्रस्त होकर बेपटरी हो गई।

उसके बाद घटना की जानकारी रेलवे के अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलने के तत्काल बाद रेलवे ने इस लाइन पर रेलवे का परिचालन रोक दिया।

इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद लातेहार एसपी अंजनी अंजन समेत वरीय पुलिस पदाधिकारियों के टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। एसपी ने बताया कि इस घटना को माओवादियों ने ही अंजाम दिया है।

पुलिस माओवादियों के खिलाफ लगातार छापामारी अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर राहत कार्य आरंभ कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि माओवादियों के द्वारा रेलवे ट्रैक उड़ाने की घटना काफी दिनों के बाद अंजाम दी गई है। पूर्व में यह इलाका माओवादियों का सॉफ्ट टारगेट होता था ,जहां अक्सर माओवादी इस प्रकार की घटना को अंजाम देते थे।

हाल के दिनों में माओवादियों के कमजोर होने के बाद इस प्रकार की घटना रुक गई थी। लेकिन शुक्रवार की रात एक बार फिर से माओवादियों ने रेलवे को अपना निशाना बनाकर पुलिस और रेलवे प्रशासन के समक्ष एक चुनौती खड़ी कर दी है।

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