झारखंड : सिविल सर्जन के पद पर रहते हुए की 21 लाख की गड़बड़ी, फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तार

News Aroma Media
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लातेहार: भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपित चिकित्सक डॉ. अमरनाथ प्रसाद को चतरा पुलिस ने फिल्मी अंदाज में सोमवार की देर रात जिले के बालूमाथ अस्पताल से ड्यूटी के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

उन पर वर्ष 2011 में चतरा जिले में सिविल सर्जन के पद पर रहते हुए सामग्री की खरीदारी में लगभग एक करोड़ 21 लाख रुपये की गड़बड़ी करने का आरोप है।

इस मामले में उनके  खिलाफ नामजद प्राथमिकी भी दर्ज थी।

 जानकारी के अनुसार सोमवार की रात डॉ. अमरनाथ यहां के बालूमाथ अस्पताल में रात्रि सेवा में पदस्थापित थे।

रात लगभग 12:00 बजे अचानक सादी वर्दी में चतरा पुलिस के अधिकारी और जवान अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक को हिरासत में ले लिया।

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चतरा पुलिस ने वहां कार्यरत एक अन्य स्वास्थ्य कर्मी को सिर्फ इतना बताया कि वे लोग चतरा पुलिस से है और भ्रष्टाचार के एक मामले में चिकित्सक को गिरफ्तार कर ले जा रहे हैं।

पुलिस के सादी वर्दी में होने के कारण लोगों के मन में कई प्रकार की आशंका उत्पन्न होने पर घटना की जानकारी बालूमाथ पुलिस को दी गई।

डॉक्टर के अपहरण की सूचना मिलते ही बालूमाथ पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गई।

लेकिन लगभग दो घंटे के बाद बालूमाथ पुलिस ने चतरा पुलिस से संपर्क कर इस बात का खुलासा किया कि चतरा पुलिस ने ही चिकित्सक को गिरफ्तार किया है।

डॉ. अमरनाथ वर्ष 2011 में चतरा सिविल सर्जन के रूप में कार्यरत थे।

उस समय स्वास्थ्य विभाग में जनरेटर तथा इंधन की खरीदारी में लगभग एक करोड़ 21 लाख रुपये की हेरा-फेरी की गई थी।

सरकार के जांच के आदेश के बाद तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. अमरनाथ को भी आरोपी बनाते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी।

डॉ. अमरनाथ ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में भी याचिका दायर किया था, परंतु वहां से खारिज कर दी गई थी।

डॉक्टर की गिरफ्तारी पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।

 संगठन के अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सक प्रतिदिन बालूमाथ अस्पताल में ड्यूटी करते थे।

पुलिस दिन में भी आकर उन्हें गिरफ्तार कर सकती थी। परंतु इस प्रकार देर रात चिकित्सक की गिरफ्तारी शोभनीय नहीं है।

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