झारखंड में सख्ती के पहले दिन ही घटी टीकाकरण की रफ्तार तो सरकार ने नियमों में किया सुधार, अब इन कई मामलों में नहीं होगी E-PASS की दरकार

News Aroma Media
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रांची: झारखंड सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह में लागू सख्ती के पहले दिन ही सरकार बैकफुट पर आ गई।

सरकार को अपने ई पास के नियमों में सुधार करना पड़ा और कई मामलों में ईपास की अनिवार्यता खत्म करनी पड़ी है।

दरअसल, 16 मई से सख्ती के बाद जब किसी भी गाड़ी को बिना पास के सड़क पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई तो इलाज कराने वालों और टीका लेने के लिए बाहर निकलने वालों को भारी परेशानी होने लगी।

इसे देखते हुए सरकार ने ई-पास के नियमों में संशोधन किया है और कई लोगों को इससे छूट दी है।

अब अगर कोई वैक्सीन लगवाने टीका केंद्र जा रहा हैं तो उन्हें ई-पास की दरकार नहीं होगी।

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इसके अलावा चिकित्सा उद्देश्यों, इससे संबंधित कार्यों जैसे चिकित्सीय जांच, शारीरिक जांच, मरीजों को हॉस्पिटल जाने-आने और दवा लेने के लिए जाने वाले लोगों को इससे राहत दी गई है। ऐसे लोगों से ई-पास नहीं मांगा जाएगा।

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जरूरी सामान खरीदने को टाइम बाउंड पास

इसके साथ ही जरूरी साग्रमियों की खरीदारी के लिए टाइम बाउंड पास की व्यवस्था की गई है।

अगर कोई व्यक्ति सरकार की ओर से अनुमति प्राप्त सामानों की खऱीदारी करने बाहर निकलता है तो उन्हें 3 घंटे की अवधि का पास बनवाना होगा।

ये सुबह 6 बजे से दोपहर के 3 बजे तक ही बनेगा। 3 घंटे के बाद ये पास अमान्य हो जाएगा।

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200 के बजाय 50 लोग ही आए टीका लगवाने

ई-पास का नियम लागू होते ही वैक्सीनेशन सेंटर पर इसका असर देखने को मिला।

जिन केंद्रों पर लगातार 200 से ज्यादा लोग टीका लगवा रहे थे, वहां की संख्या सिमट कर 50 हो गई।

इसका 18 प्लास के अलावा 44 प्लस दोनों वैक्सीनेशन केंद्रों पर असर देखने को मिला। इसे ध्यान में रखते हुए भी सरकार ने नियमों में संशोधन किया है।

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