लोहरदगा: उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण (Dr Waghmare Prasad Krishna) की अध्यक्षता में दशहरा को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक (District Level Peace Committee Meeting) जिला परिषद कार्यालय स्थित सभागार में हुई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि दशहरा एक दूसरे को जोड़ने वाला त्योहार है।
बीते वर्षों से लोहरदगा जिले ने शांति और सौहार्द्र की जो मिसाल कायम की है वह प्रशंसनीय है। इसका श्रेय जिला स्तरीय शांति समिति और प्रखण्ड स्तरीय शांति समिति के सदस्यों और आप सभी लोगों को जाता है।
पुलिस अधीक्षक हारिश बिन जमां ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने पर कार्रवाई होगी। सभी व्हाट्सअप, फेसबुक पेज या अन्य सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले एडमिन की जवाबदेही होगी कि वे किसी भी धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने वाले मैसेज पर रोक लगायें।
सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्र में डीजे संचालकों के साथ आवश्यक बैठक कर लें और जरूरी शपथ पत्र ले लें।
उन्होंने कहा कि पंडालों की अनुज्ञप्ति में ही सभी मुख्य शर्तें अंकित हो। पूजा पंडालों में आवश्यक मानकों का पालन हो। अग्निशामक की व्यवस्था हो, बिजली हो, जरूरी पब्लिक एड्रेस सिस्टम हो। प्रवेश और निकास में सीसीटीवी लगे हों।
पंडालों की वजह से ट्रैफिक में व्यवधान ना हों। सभी थाना क्षेत्रों में दुर्गा पूजा मॉनिटरिंग कमेटी के लिए Whatsapp Group का निर्माण कर लें, जिसमें थाना प्रभारी, पूजा समिति के लोग और दण्डाधिकारी रहेंगे।
साउण्ड सिस्टम का इस्तेमाल अधिकतम रात्रि 10 बजे तक ही किया जाएगा
दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान पूजा समितियां अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले विसर्जन/मेला आदि में अपने वालेंटियर्स तैनात रखें। उत्पाद अधीक्षक को अवैध देसी शराब से संबंधित मामलों में त्वरित सूचना दें व कार्रवाई करें। पुलिस से संपर्क करें।
बैठक में दण्डाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी पूजा पंडालों में CCTV की व्यवस्था समितियों को करनी होगी। सभी मेला, विसर्जन, पूजा पंडालों की निगरानी ड्रोन के माध्यम से करायी जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को पूरी तैयारियों के साथ अपने-अपने थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च करने का निर्देश दिया गया।
पूजा समितियों के साथ प्रत्येक 2-3 दिनों के अंतराल पर एक बैठक जोनल दण्डाधिकारी द्वारा किये जाने का निर्देश दिया गया। सभी थाना क्षेत्रों में लगने वाले मेले में एक हेल्प डेस्क स्थापित किये जाने का निर्देश दिया गया।
सभी पूजा पंडालों में साउण्ड सिस्टम (Sound System) का इस्तेमाल अधिकतम रात्रि 10 बजे तक ही किया जाएगा। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ गणमान्य लोग मौजूद थे।