झारखंड हाई कोर्ट से मधु कोड़ा को आरोप गठन के खिलाफ फ्रेश IA दाखिल करने के लिए मिला समय

इस मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें मधु कोड़ा ढाई साल तक जेल में रहे थे। उन्हें 30 जुलाई, 2013 को जमानत मिली थी

News Desk
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रांची: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी (Anil Kumar Chowdhary) की अदालत में शुक्रवार को राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाले में आरोपित पूर्व CM मधु कोड़ा (Madhu Koda) की ओर से दायर याचिका पर हुई।

याचिकाकर्ता को मामले में निचली अदालत के आरोप गठन के खिलाफ फ्रेश हस्तक्षेप याचिका (Fresh Intervention Petition) दो सप्ताह में दायर करने का निर्देश दिया है। इससे पहले मधु कोड़ा की ओर से पूर्व में दाखिल आईए को वापस ले लिया गया।

मधु कोड़ा ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल की

निचली अदालत (Lower Court) द्वारा इस मामले में मधु कोड़ा के खिलाफ आरोप गठित किए जाने को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इसके पहले उन्होंने निचली अदालत द्वारा डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने को High Court में चुनौती दी थी।

इसी दौरान निचली अदालत ने उनके खिलाफ आरोप गठित कर दिया था। इसके बाद मधु कोड़ा ने Intervention Petition दाखिल कर निचली अदालत द्वारा आरोप गठित किए जाने को भी हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

मामले की जांच CBI कर रही

मधु कोड़ा पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व में CM के उच्च पद का दुरुपयोग करते हुए हैदराबाद की बिजली कंपनी IVRCL के डायरेक्टर डीके श्रीवास्तव से मुंबई में 11.40 करोड़ रुपये घूस ली।

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साथ ही कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए उसे लातेहार, गढ़वा और Palamu सहित छह जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण करने का टेंडर दे दिया।

इस मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें मधु कोड़ा ढाई साल तक जेल में रहे थे। उन्हें 30 जुलाई, 2013 को जमानत मिली थी।

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