महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और स्वदेशी अपना कर राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की बुनियाद रखी

Central Desk
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रांची: झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।

इस अवसर पर विधायक ममता देवी, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राजेश ठाकुर, मानस सिन्हा, प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

रामेश्वर उरांव ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और स्वदेशी अपना कर राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की बुनियाद रखी।

गांधी ने चौपारण में किसानों के अधिकार की लड़ाई लड़ी और गुजरात के खेड़ा में किसानों का साथ दिया, लेकिन आज भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और जिन-जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। किसानों को परेशान किया जा रहा है, उनपर अत्याचार हो रहा है।

उनके हक और अधिकार को छीना जा रहा है। यदि आज बापू होते, तो उन्हें किसानों की यह हालात देखकर काफी दुःख होता। देश के किसान आज भी बापू द्वारा दिखाये गये रास्ते पर चलते हुए सत्य और अहिंसा के माध्यम से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरी लड़ाई में किसानों के साथ है।

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उरांव ने रांची में बिहारी और मारवाड़ी समाज के लोगों के संबंध में दिये गये बयान पर स्पष्ट किया कि बचपन में उन्होंने पढ़ा था कि देश के दो शहर रांची और इंफाल आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है।

इंफाल आज भी आदिवासी बाहुल्य शहर है, लेकिन रांची में करमटोली, डंगराटोली, मधुकम, नामकुम, चापूटोली सहित कई ऐसी बस्तियां थी, जिनकी पहचान मुंडा गांव के रूप में थी। लेकिन यह सच्चाई है कि भाजपा शासनकाल में आदिवासियों की जमीन छिनने का काम हुआ है।

उन्होंने यह भी साफ किया कि उनमें बिहार या बिहारियों से कोई विद्वेष की भावना नहीं है। वे भी बिहार से अछूते नहीं रहे, बाहर कहीं जाते थे, तो खुद को बिहारी ही बताते थे, झारखंड बिहार का हिस्सा रहा है।

लेकिन भाजपा शासनकाल में आदिवासियों की जमीन छिनने की साजिश हुई। सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन की कोशिश की हुई, लेकिन अब गठबंधन सरकार में जमीन की लूट की छूट किसी को नहीं मिलेगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को उकसाना या विद्वेष फैलाना नहीं था, लेकिन राजनीति में है, इसका मतलब यह तो नहीं है कि झूठ कहा जाए।

उन्होंने सिर्फ सच्चाई कही है। झारखंड नहीं रांची शहर में आदिवासियों की संख्या आज कम हो गयी है। उन्होंने बताया कि आदिवासी जमीन का ट्रांसफर सिर्फ डीसी के परमिशन से ही होता था।

आदिवासियों की जमीन ले ली गयी। इन सारे मामलों में डीसी का परमिशन लिया गया या नहीं, यह शोध का विषय है।
उन्होंने कहा कि गांधी पूरे देश के नेता थे और वे कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके थे।

उनके नेतृत्व में ही आजादी की लड़ाई लड़ी गयी और देश को आजादी मिली। लेकिन कांग्रेस के विचाराधारा के उलट लोगों ने उनकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि पटेल ने किसानों के हक में आंदोलन किया, लेकिन आज पटेल के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार ने किस तरह से किसानों को तबाह करने का काम किया है, यह बात किसी से छिपी नहीं है।

उन्होंने कहा कि कृषि आज भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, यह कोरोना काल में साबित भी हुआ।

बजट के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के जवाब में रामेश्वर उरांव ने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर उनकी ओर से पहले ही कई सुझाव दिया गया है, जिसमें जीएसटी का समय पर भुगतान, रॉयल्टी की दर में बढ़ोत्तरी और रेल आवागमन से वंचित रहने वाले चार जिलों में रेललाइन की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

इससे पहले कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्त्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलित किया और बापू द्वारा गाये रघुपति राघव, राजाराम का पाठ किया और कुछ पलों के लिए मौन रखकर बापू को नमन किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, डॉ राकेश किरण महतो, अमूल्य नीरज खलखो, डॉ तौसीफ,सोनी नायक,नीरज भोक्ता, विनय सिन्हा दीपू, विनीता पाठक आदि उपस्थित थे।

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