मनीष सिसोदिया ने असम के मुख्यमंत्री के बेटे पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

News Aroma Media
5 Min Read

नई दिल्ली:  उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister Manish Sisodia) ने शनिवार को प्रेस वार्ता के माध्यम से भाजपा के नेता व असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पर कोरोना की आड़ में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है।

सिसोदिया ने बताया कि किस तरह 2020 में असम के स्वास्थ्य मंत्री के पद पर रहते हुए हेमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी की कंपनी, पत्नी के बिज़नेस पार्टनर की कंपनी व अपने बेटे के बिजनेस पार्टनर की कंपनी को पीपीई किट के ठेके दिए वो भी अनाप-शनाप कीमतों पर, हेमंत बिस्वा सरमा के इस भ्रष्टाचार को ‘द वायर’ तथा ‘द क्रॉस करंट’ नामक वेबसाइट ने एक्सपोज किया है।

सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के लोग अपने विपक्षियों पर तो भ्रष्टाचार के फर्जी आरोप लगाते है और केन्द्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग करते हुए उन्हें जेल भिजवाते है ऐसे में जब भाजपा के बड़े नेता और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के भ्रष्टाचार को सबूत के साथ पेश किया गया है तो क्या भाजपा उनपर कोई कार्यवाही करेगी ? उन्हें जेल भेजेगी।

आगे सिसोदिया ने बताया कि वर्तमान में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) 2020 में वहां के स्वास्थ्य मंत्री थे और उन्होंने कोरोना के आड़ में भ्रष्टाचार किया।

उन्होंने बताया कि जब देश दुनिया में कोरोना फैला हुआ था उस दौरान इमरजेंसी की आड़ में हेमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की कंपनी जेसीबी इंडस्ट्रीज को पीपीई किट के ठेके दिए गए जबकि इस कंपनी का मेडिकल सप्लाई से कोई लेना देना नहीं था।

- Advertisement -
sikkim-ad

उन्होंने बताया कि उस समय बाजार में पीपीई किट की कीमत 600 रूपये थी जबकि मुख्यमंत्री की पत्नी की कंपनी को 990 रूपये प्रति पीपीई किट कीमत दी गई।

किट की कीमत 600 रूपये थी, मुख्यमंत्री की पत्नी की कंपनी को 990 रूपये प्रति पीपीई किट कीमत दी गई

इतना ही नहीं हेमंत बिस्वा सरमा के बेटे के बिज़नेस पार्टनर की कंपनी जीआरडी फर्मास्यूटिकल और मेडीटाइम हेल्थकेयर को भी प्रति पीपीई किट 990 रूपये में ये ठेके दिए गए, जबकि ये दोनों कंपनिया सप्लाई पूरा करने करने में सफल नहीं रही उसके बावजूद भी इन कंपनियों को और ठेके दिए गए और इस बार एक पीपीई किट की कीमत 1680 रूपये थी।

ये सप्लाई असम के बजाय दिल्ली में असम भवन में करने के लिए कहा गया और दिल्ली से पीपीई किट को असम सरकारी खर्चे पर भेजा गया।

सिसोदिया ने कहा कि ये असल भ्रष्टाचार है जहां पद पर रहते हुए तब के स्वास्थ्य मंत्री व वर्तमान में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी की कंपनी को, बेटे के बिज़नेस पार्टनर की कंपनी को कोरोना के आड़ में अनाप-शनाप कीमतों पर सरकारी खरीद के ठेके दिए।

हद तो तब हो गई जब हेमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के बिज़नेस पार्टनर की कंपनी अजाईल एसोसिएट्स को पीपीई किट के यही ठेके 2205 रूपये प्रति पीपीई किट दिया गया जो खुला भ्रष्टाचार है।

सिसोदिया ने भाजपा पर स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन को फर्जी आरोप में फंसाने का आरोप लगाते हुए बोलते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के लोग रोजाना फर्जी आरोप लगाते है, फर्जी मुकदमें चलाते है और जब केसों की कोर्ट में सुनवाई होती है तो भाजपा का हर एक आरोप झूठा साबित हो जाता है।

उन्होंने कहा कि सतेन्द्र जैन  (Satendra Jain) को भाजपा की ईडी ने जेल में डाला है जबकि कल खुद कोर्ट में ईडी द्वारा ये माना गया कि सतेन्द्र जैन को आरोपित नहीं बनाया गया है अभी केवल उनसे पूछताछ चल रही है। सिसोदिया ने कहा कि जब पूछताछ हो रही है तो उन्हें जेल में क्यों डाला गया।

सिसोदिया ने भाजपा के लोगों को नसीहत देते कहा कि मोहल्ला क्लिनिक बनवाना, शानदार स्कूल बनवाना, बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देना भ्रष्टाचार नहीं है बल्कि खुलेआम अपनी पत्नी को ठेके देना भ्रष्टाचार है।

Share This Article