झारखंड में यहां 28 दिनों बाद मायके से बरामद हुई विवाहिता, ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या कर शव ठिकाने लगाने का दर्ज कराया था मामला

Central Desk
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कोडरमा: दहेज के नाम पर ससुराल पक्ष को प्रताड़ित करने के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है।

जहां विवाहिता की हत्या कर शव ठिकाने लगाने के झूठे मामले में 28 दिनों बाद पुलिस ने विवाहिता को उसके मायके से ही बरामद कर लिया।

विवाहिता अपने पिता कारू राम के घर से बरामद की गई है, जहां उसे छिपाकर रखा गया था। शुक्रवार को पुलिस ने विवाहिता का न्यायालय में 164 के तहत बयान दिलवाया।

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार, मयूरहंड थाना क्षेत्र के शालेय गांव की विवाहिता ममता कुमारी भागकर अपने मायके बरही के दुलमुंहा गांव आ गई थी, जहां से पुलिस ने गुरुवार को उसे बरामद कर लिया।

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जबकि विवाहिता के पिता कारू राम ने ही अपनी पुत्री ममता के ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या कर लाश ठिकाने लगाने का आरोप लगाया था।

इधर, ममता की बरामदगी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि उसकी हत्या नहीं की गई थी। सचमुच में वह भागकर अपने मायके चली गई थी।

31 दिसंबर 2020 को ससुराल से गायब हुई थी विवाहिता

जानकारी के अनुसार, ममता कुमारी की शादी 14 अप्रैल 2017 को शालेय गांव के कमल राम के पुत्र मंतोष कुमार राम के साथ हुई थी। शादी के बाद से कई बार दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ।

लड़की पक्ष के अनुसार, लड़की को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। इसी बीच ममता कुमारी अपने ससुराल से 31 दिसंबर 2020 को गायब हो गई।

इसके बाद उसके पिता ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए लड़की की हत्या कर लाश ठिकाने लगाने का आरोप लगाया था।

बेटी के ससुराल वालों पर दर्ज कराया था मामला

इस शिकायत पर मयूरहंड थाना में कांड संख्या 4/21 के तहत ममता के ससुराल वालों पर मामला दर्ज किया गया। मामले में उसके सास, ससुर, पति, देवर व भैंसुर आदि अभियुक्त बनाए गए थे।

इस घटना को लेकर पुलिस लगातार खोजबीन कर रही थी। इसी बीच गुप्त सूचना पर मयूरहंड पुलिस ने लड़की को उसके पिता के घर से ही बरामद कर लिया।

शुक्रवार को पुलिस ने लड़की से न्यायालय में 164 के तहत बयान दिलवाया। पुलिस को इस पेचीदा मामले का खुलासा करने में 28 दिन लग गए।

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