रांची: मेयर आशा लकड़ा ने सहायक नगर आयुक्त ज्योति कुमार को शोकॉज करते हुए अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है।
तीन दिनों में जवाब मांगते हुए मेयर ने सहायक नगर आयुक्त पर आरोप लगाया है कि उन्होंने झारखंड नगरपालिका अधिनियम का उल्लंघन करते हुए संविदा पर काम करने वाले चार सहायक अभियंताओं को गुपचुप तरीके से सेवा विस्तार देने की अनुशंसा की है।
निर्धारित समयावधि के अंदर जवाब नहीं दिए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
निगम परिषद की बैठक में क्यों नहीं लाया प्रस्ताव
मेयर ने सहायक नगर आयुक्त से पूछा है कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 में किए गए प्रावधानों के तहत राज्य सरकार द्वारा संविदा पर प्रतिनियुक्त कर्मियों की सेवा विस्तार से संबंधित प्रस्ताव निगम परिषद की बैठक में क्यों नहीं लाया गया।
आपने किस आधार पर यह तर्क देते हुए फाइल बढ़ाया कि नगर विकास विभाग से जिन कर्मियों की संविदा पर नियुक्ति की गई है, उनकी सेवा विस्तार का अधिकार भी नगर विकास विभाग को ही है।
वेतन भुगतान संबंधी पारित प्रस्ताव पर क्यों न लगे रोक
मेयर ने यह भी लिखा है कि आपने सेवा विस्तार से संबंधित जानकारी से नगर निगम परिषद के अध्यक्ष व सदस्यों को गुमराह कर 09 जून 2020 को 04 सहायक अभियंताओं के वेतन भुगतान से संबंधित प्रस्ताव पारित कराया है।
लिहाजा सहायक अभियंताओं के वेतन भुगतान से संबंधित पारित प्रस्ताव पर रोक क्यों नहीं लगाई जाए।
क्या कहते हैं सहायक नगर आयुक्त
सहायक नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह ने मेयर द्वारा उनपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि उनके पास किसी को सेवा विस्तार देने की शक्ति नहीं हैं और न उन्होंने किसी संविदाकर्मी को सेवा विस्तार दिया है।
साथ ही उन्होंने कहा कि बाजार शाखा से संबंधित किसी खास एजेंसी को लाभ नहीं पहुंचाया है, बल्कि तत्कालीन नगर आयुक्त के आदेश में एक एड एजेंसी को टेंडर निकलने तक सेवा विस्तार दिया गया था।
इससे निगम के राजस्व का नुकसान नहीं, बल्की राजस्व बचाया गया है। उन्होंने कहा कि वह किसी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।