चाईबासा में झारखंड बंद का दिखा मिला-जुला असर, बड़ी संख्या में कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्र सड़कों पर

आगे छात्रों ने कहा कि हेमंत सरकार (Hemant Sarkar) की ओर से बाहरी लोगों को पनाह देने का काम किया जा रहा है

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चाईबासा : जिले में नियोजन नीति (Employment Policy) के विरोध में और संशोधन की मांग को लेकर मिला-जुला असर देखने को मिला।

बंद का समर्थन करते हुए बुधवार को कोल्हान विश्वविद्यालय (Kolhan University) के छात्र प्रतिनिधि सनातन पिंगुआ, मंजीत हांसदा और सुबोध महाकुड के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे।चाईबासा में झारखंड बंद का दिखा मिला-जुला असर, बड़ी संख्या में कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्र सड़कों पर Mixed effect of Jharkhand bandh in Chaibasa, large number of Kolhan University students on the streets

किसी भी हाल में चलने नहीं दिया जाएगा 60/40

इस दौरान छात्रों ने जमकर नारे लगाए और कहा कि सरकार को नियोजन नीति में अविलंब संशोधन करना ही होगा।

अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में झारखंड पूरी तरह से बंद रहेगा।

जब तक संशोधन नहीं होता है, तब तक छात्र प्रतिनिधि का विरोध सरकार को झेलना ही होगा।

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झारखंड में 60/40 किसी भी हाल में चलने नहीं दिया जाएगा।चाईबासा में झारखंड बंद का दिखा मिला-जुला असर, बड़ी संख्या में कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्र सड़कों पर Mixed effect of Jharkhand bandh in Chaibasa, large number of Kolhan University students on the streets

संशोधन नहीं हुआ तो उग्र होगा आंदोलन

आगे छात्रों ने कहा कि हेमंत सरकार (Hemant Sarkar) की ओर से बाहरी लोगों को पनाह देने का काम किया जा रहा है।

और हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। झारखंड में झारखंडियों को ही रोजगार मिले उसको लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

और आने वाले दिनों में यदि संशोधन नहीं होता है तो उग्र आंदोलन भी हो सकता है।

छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि लगातार विरोध के बावजूद भी हेमंत सरकार किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर रही है यह दुखद है।

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