बिहार में विपक्षी दलों का जुटना हुआ शुरू, महबूबा मुफ्ती पहुंची पटना

News Aroma Media
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पटना: Patna में शुक्रवार को विपक्षी दलों की होने वाली बैठक को लेकर नेताओं का आने का सिलसिला शुरू हो गया है।

गुरुवार को सबसे पहले जम्मू कश्मीर (Jammu & Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) पटना पहुंची।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती गुरूवार सुबह पटना पहुंची।बिहार में विपक्षी दलों का जुटना हुआ शुरू, महबूबा मुफ्ती पहुंची पटना Mobilization of opposition parties begins in Bihar, Mehbooba Mufti reaches Patna

विपक्षी दलों की बैठक को लेकर तैयारी पूरी

पटना हवाई अड्डे (Patna Airport) पर उनकी आगवानी बिहार की मंत्री शीला मंडल ने की।

मुफ्ती के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से भी मिलने का कार्यक्रम है।

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पटना में विपक्षी दलों की बैठक को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है।

इस बैठक के पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी बुधवार की शाम मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे और Nitish Kumar से मुलाकात की थी।

बिहार में विपक्षी दलों का जुटना हुआ शुरू, महबूबा मुफ्ती पहुंची पटना Mobilization of opposition parties begins in Bihar, Mehbooba Mufti reaches Patna

ममता बनर्जी भी पहुंचेंगी पटना

बताया जाता है कि शुक्रवार की होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए गुरुवार को ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भी पटना पहुंचेंगी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के भी आज ही पहुंचने की संभावना है।

इधर, विपक्षी दलों की इस बैठक पर रालोजद अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने निशाना साधा है।बिहार में विपक्षी दलों का जुटना हुआ शुरू, महबूबा मुफ्ती पहुंची पटना Mobilization of opposition parties begins in Bihar, Mehbooba Mufti reaches Patna

कुशवाहा ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल (Twitter Handle) से ट्वीट कर लिखा कि सत्ताधारी दल से इतर देश के समक्ष कोई नया वैकल्पिक मॉडल प्रस्तुत किए बिना सिर्फ नकारात्मकता को आधार बनाकर बनाई गई विपक्षी एकता का हश्र मध्यावधि चुनाव के रूप में 1977 और 1989 में देश देख और भुगत चुका है।

एकबार फिर उसी तरह के घिसे-पिटे प्रयोग के परिणाम से जनता वाकिफ है।

कांग्रेस के नेता को अभी और तपना होगा

उन्होंने आगे लिखा कि मेरी समझ से ऐसे किसी प्रयोग पर जनता तभी भरोसा कर सकेगी जब नये और सकारात्मक वैकल्पिक मॉडल के साथ किसी बड़े दल के भरोसेमंद नेता के नेतृत्व को स्वीकार कर छोटे व क्षेत्रीय दल उनके साथ खड़े हों।

उन्होंने कहा कि शायद भविष्य में कांग्रेस इस रूप में अपने को खड़ा कर पाए।

कांग्रेस के नेता को अभी और तपना होगा। फिलहाल 2024 में तो नरेंद्र मोदी के समक्ष कोई चुनौती नहीं है।

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