SC में बोली मोदी सरकार- NTA पूरी की पूरी NEET परीक्षा को रद्द करने के पक्ष में नहीं, बड़े स्तर की ऐसी कोई गड़बड़ी ही नहीं हुई

News Desk
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NEET-UG Paper Leak Case : NTA पूरी की पूरी NEET परीक्षा को रद्द करके फिर से परीक्षा लेने के पक्ष में नहीं है। परीक्षा में बड़े स्तर की ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, जिससे 24 लाख विद्यार्थियों पर असर पड़ा हो।

यह बात केंद्र की मोदी सरकार ने NEET मामले में सुप्रीम कोर्ट में कही है। इससे पहले गुरुवार को Re-NEET के खिलाफ गुजरात के 56 विद्यार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में याचिका दायर की है। दरअसल, देश में NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी परीक्षा को रद्द करने को लेकर याचिकाएं दायर की गयी हैं।

इस बीच याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से Re-NEET जैसा कोई भी फैसला न सुनाने की अपील की है। इन विद्यार्थियों का कहना है कि ज्यादातर विद्यार्थियों ने दो साल की कड़ी मेहनत और 100 प्रतिशत लगन के साथ परीक्षा दी थी। ऐसे में परीक्षा रद्द करने का फैसला विद्यार्थियों के हित में नहीं होगा और यह उनके मौलिक अधिकार – अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।

परीक्षा रद्द करने की जगह OMR शीट का रिइवैल्यूएशन बेहतर विकल्प है। दोषियों को कड़ी सजा हो, लेकिन परीक्षा रद्द नहीं की जाये।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने NEET के रिजल्ट को रद्द करने और काउंसलिंग पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई की। हालांकि, परीक्षा रद्द करने की याचिका को 15 जुलाई के लिए लिस्ट कर दिया गया है।

जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस दीपक मनचंदा की बेंच ने कहा कि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। NEET मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ देश के सात हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गयी हैं। हालांकि, NTA की सिफारिश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता, बॉम्बे और राजस्थान हाई कोर्ट में NEET से जुड़ी किसी भी याचिका पर सुनवाई पर रोक लगा दी है।

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इधर, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने NEET पीजी परीक्षा की शुक्रवार को नयी डेट जारी कर दी है। यह परीक्षा अब 11 अगस्त को ऑनलाइन मोड में दो शिफ्ट में होगी। पहले यह परीक्षा 23 जून को होनी थी,

लेकिन गड़बड़ी की आशंका की वजह से इसे 12 घंटे पहले रद्द कर दिया गया था। पेपर लीक और कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस अब 11 अगस्त को परीक्षा के दो घंटे पहले पेपर तैयार करेगा।
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन फॉर मेडिकल साइंसेज ने NEET पीजी परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया है। परीक्षा में 200 MCQ टाइप सवाल पूछे जाते हैं। अब हर सवाल को सॉल्व करने के लिए कुछ मिनटों का फिक्स टाइम ही मिलेगा।

इसका मतलब है कि किसी सवाल को सॉल्व करने के लिए कोई कैंडिडेट कितना समय दे सकता है, यह पहले से ऑटोमैटिक मोड पर सेट होगा। 2024 से ही नये पैटर्न पर परीक्षा होगी। NEET पीजी परीक्षा में हर सही जवाब के लिए 4 मार्क्स मिलते हैं और गलत जवाब के लिए 1 मार्क की नेगेटिव मार्किंग होती है। टोटल 3.5 घंटे में क्वेश्चन पेपर सॉल्व करना होता है।

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