आत्मनिर्भर हजारीबाग कार्यक्रम की शुरुआत, सांसद जयंत सिन्हा ने किया ऑनलाइन उद्घाटन

News Aroma Media
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हजारीबाग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में संस्थाओं द्वारा अलग-अलग कार्यक्रम किया जा रहा है।

इसी कड़ी में सरकार से लेकर कई अन्य संस्थाओं को मार्गदर्शन में सहयोग करने वाली ग्रांट थॉर्नटन भारत ने आत्मनिर्भर हजारीबाग कार्यक्रम की शुरुआत की। इसका उद्घाटन सांसद जयंत सिन्हा ने ऑनलाइन किया।

इस अवसर पर सिन्हा ने कहा कि व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने से गांव व जिला आत्मनिर्भर होगा और फिर राज्य और अंततः देश आत्मनिर्भर होगा।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में ग्रांट थॉर्नटन काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि न केवल लोगों को आत्मनिर्भर बनाना होगा, बल्कि ऐसी व्यवस्था भी करनी होगी जिससे कोरोना महामारी जैसे विपदा में भी लोगों का काम चलता रहे।

उन्होंने आशा जताई कि संस्था के कार्यों के माध्यम से हजारीबाग आत्मनिर्भर बनेगा।

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उप विकास आयुक्त अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि हजारीबाग में करीब 84 प्रतिशत लोग कृषि एवं उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। संस्था द्वारा जिस प्रकार के कार्य करने की बात कही गई है, ऐसा होने पर आने वाले समय में 84 प्रतिशत जनसंख्या को इसका लाभ मिल सकता है।

प्रोजेक्ट मैनेजर रिशु रवि ने बताया कि 4 साल का यह प्रोजेक्ट है। इसके माध्यम से 7000 किसानों के समूह एवं 1000 अन्य उद्योगों से जुड़े लोगों का समूह बनाकर उनके रोजगार और आमदनी को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

साथ ही उनके उत्पाद की मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को मुकाम देने का प्रयास हजारीबाग में होगा।

हाॅली क्राॅस कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. आरके सिंह ने कहा कि यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है।

असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे किसानों को एफपीओ के माध्यम से संगठित करते हुए न केवल उनको खेती की तकनीकी से लैस किया जा रहा है, बल्कि उनके उत्पाद की बिक्री के लिए भी व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि जिला में आधा दर्जन से अधिक किसान उत्पादक समूह बना हुआ है। ऐसे किसानों को लाभ मिलेगा।

जिला पशुपालन पदाधिकारी डाॅ. न्यूटन तिर्की ने कहा कि पशु पालकों को इसके माध्यम से विशेष लाभ प्राप्त होगा। कार्यक्रम के दौरान किसान मीनू महतो, सुखदेव राणा, फुलेश्वर महतो के अलावा ज्वेलरी के क्षेत्र में कार्य करने वाले कारीगरों ने भी अपनी बातें रखीं।

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