Namkum police station’s sub-inspector caught by ACB: झारखंड की राजधानी में शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रांची की टीम ने नामकुम थाने के दारोगा चंद्रदीप प्रसाद को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
UP से रांची तक फैली रिश्वत की चेन
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के निवासी आशीष कुमार यादव ने ACB को दी गई शिकायत में बताया कि नवंबर 2023 में उनका रिश्ता बलिया की ही एक लड़की नीतू कुमारी से तय हुआ था। कुछ निजी कारणों से रिश्ता टूट गया और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सामानों का आदान-प्रदान कर लिया। इसके बावजूद लड़की के पिता नंदजी यादव ने रांची के नामकुम थाने में दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज करा दिया।
“केस मैनेज करो, एक लाख लाओ” – दारोगा
इस मामले की जांच का जिम्मा नामकुम थाने के दारोगा चंद्रदीप प्रसाद को सौंपा गया। पीड़ित का आरोप है कि दारोगा ने केस को ‘मैनेज’ करने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये की मांग की। पैसे न देने पर केस को उलझाने और जेल भेजने की धमकी दी गई।
ACB ने रचा जाल, और फंस गया दारोगा
आशीष ने इस मामले की शिकायत ACB रांची से की। जांच के बाद टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार को दारोगा चंद्रदीप प्रसाद को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। ACB की यह कार्रवाई पुलिस की साख पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर जब एक महिला संबंधी संवेदनशील मामले को भी पैसों के बदले ‘सेटल’ करने की कोशिश की गई।
ACB की कार्रवाई से पुलिस विभाग में मची खलबली
दारोगा की गिरफ्तारी के बाद पूरे नामकुम थाना परिसर में तनाव और अजीब सी खामोशी छाई रही। आला अधिकारी फिलहाल मामले की आंतरिक जांच की तैयारी में जुटे हैं। ACB ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से झारखंड पुलिस में बैठे कई ‘घूस प्रेमियों’ के पसीने छूटे हैं।