कोरोना की वैक्सीन बर्बाद करना पड़ा महंगा, मिली 3 साल की सजा

Digital News
1 Min Read

 दिल्ली: कोरोना टीका बर्बाद करना एक फार्मासिस्ट को इतना महंगा पड़ गया कि उसे तीन साल जेल की सजा हो गई है।

कोविड-19 टीके की 500 से अधिक खुराकों को बरबाद करने वाले, विस्कोंसिन के एक पूर्व फार्मासिस्ट को मंगलवार को तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई।

स्टीवन ब्रांडेनबर्ग (46) ने उपभोक्ता उत्पाद में छेड़छाड़ करने के प्रयास का अपना दोष फरवरी में स्वीकार किया था।

ब्रांडेनबर्ग ने माना था कि मिलवॉकी के उत्तर में स्थित ऑरोरा मेडिकल सेंटर में उसने मॉडर्ना के टीकों को कई घंटे तक रेफ्रिजरेटर से बाहर रखा था।

सजा मिलने से पहले एक बयान में उसने कहा कि वह ”बहुत शर्मिंदा है तथा जो कुछ उसने किया, उसकी जिम्मेदारी लेता है।

- Advertisement -
sikkim-ad

मिलवॉकी जर्नल सेंटीनेल में बताया गया है कि फार्मासिस्ट ने अपने सहकर्मियों, परिवार और समुदाय से अपने कृत्य के लिए माफी मांगी।

ऑरोरा ने बताया कि बेकार किए गए ज्यादातर टीकों को नष्ट कर दिया गया हालांकि तब तक 57 लोगों को इनमें से कुछ टीके लगाए जा चुके थे।

माना जा रहा है कि ये खुराकें अब भी प्रभावी हैं। लेकिन इन्हें लेकर कई सप्ताह तक चली अनिश्चितता की स्थिति से टीका लेने वाले चिंतित हो गए थे।

Share This Article