हर वर्ष CM आफिस में बतौर इंटर्न नियुक्त किए जाएंगे 500 छात्र-छात्राएं: ममता बनर्जी

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुखिया ममता बनर्जी ने कहा कि छात्र-छात्राएं व युवा ही सबसे बड़ी संपत्ति हैं।

यब बात ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की छात्र परिषद के स्थापना दिवस समारोह के मौके पर कही और विद्यार्थियों के लिए बड़ा ऐलान किया है।

ममता दीदी ने कहा कि अब हर साल 500 छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में इंटर्न के रूप में नियुक्त किया जाएगा। यह नियुक्ति एक साल के लिए होगी।

उन्होंने कहा कि एक साल पूरा होने के बाद छात्रों को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। यह प्रशस्ति पत्र भविष्य में छात्रों को नौकरी आदि में काम आएगा।

आयोजन में बोलते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इंटर्न के तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त होने वाले ये छात्र विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को देखेंगे।

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उन्हें विकास कार्यों को देखने के लिए फील्ड में भी भेजा जाएगा। इससे उन्हें जमीनी अनुभव का भी पता चलेगा।

उन्होंने छात्रों से अच्छा मनुष्य बनने का आह्वान किया। इस मौके पर ममता ने दुर्गा पूजा के बाद राज्य में स्कूल-कॉलेजों को फिर से खोलने की बात भी दोहराईं।

उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो लंबे समय से बंद स्कूल-कॉलेजों को फिर से खोल दिया जाएगा।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते काफी समय से स्कूल-कॉलेज बंद हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजनीति में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया है।

तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ममता ने कहा कि पिछले 10-15 सालों में छात्र राजनीति में उस तरह से आगे नहीं आए हैं।

राजनीति को सेवा का स्थान बनने दें। यह छात्रों और शिक्षकों के बिना नहीं किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि मैं आज भी क्यों लड़ रही हूं?

मुझे लगता है कि सत्ता में आने पर चुनौती और भी बड़ी हो जाती है। ममता ने कहा कि राजनीति में युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि छात्र भविष्य की संपत्ति हैं।

भाजपा छात्रों को दबा दे रही है। भाजपा सरकारी कर्मचारियों को चुप करा रही है। 18 साल का मतलब है कोई बाधा नहीं दिया जाना चाहिए।

लालच के आगे न झुकें। हमें बेहतर इंसान बनने के लिए आगे बढ़ना होगा। मैं चाहती हूं कि बंगाल के छात्र रास्ता दिखाएं। जितने भी कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं, उनके साथ समन्वय करें।

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