असम निमाती घाट नाव हादसाः 87 लोग बचाए गए, दो व्यक्ति लापता

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जोरहाट: असम के जोरहाट जिला प्रशासन ने गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया है कि बुधवार को निमाती घाट के पास ब्रह्मपुत्र नद में हादसे के बाद नद में डूबी मां कमला फेरी में कुल 90 व्यक्ति सवार थे, जिसमें से 87 लोगों को बचा लिया गया है।

गुवाहाटी के काहिलीपारा निवासी युवती परिमिता दास की जोरहाट मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (जेएमसीएच) में इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गयी। जबकि 08 लोगों का जेएमसीएच में अभी भी इलाज चल रहा है।

जिन दो व्यक्तियों के बारे में अभी तक पता नहीं चल सका है, उनमें से एक की पहचान लखीमपुर जिला के माधबपुर निवासी जन बोरा (इंद्रेश्वर) और जोरहाट निवासी डॉ. बिक्रमजीत बरुवा के रूप में की गयी है।

जिला प्रशासन ने सभी 90 व्यक्तियों की पहचान को सुनिश्चित करते हुए सूची जारी की है। जेएमसीएच में जिन 08 लोगों का इलाज चल रहा है उनकी पहचान बिश्वजीत दास (35, गरमूर, माजुली), मोमी दास (35, गरमूर, माजुली), क्लिरडाप तेरोपी (37, बिश्वनाथ चरियाली), मुनमी नरह (23, माजुली), प्रदीप बोरा (31, बरपाथर, गोलाघाट), रामचंद्र सतोला (23, माजुली), नयनमोनी मिसिंग (दो महीने, मधुपुर, माजुली) और मिनोती मिसिंग (मधुपुर, माजुली) के रूप में की गयी है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार हादसे से बचाए गये 18 लोगों को होटल व अन्य स्थानों पर रखा गया है।

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जबकि घटना के बाद मौके पर ही पुलिस ने 14 लोगों की पहचान की थी, जो बचकर किनारे पर पहुंचे थे। माजुली जिला प्रशासन एवं माजुली के गांव प्रधानों से पूछताछ के आधार पर 46 लोगों की पहचान की गयी है, जो पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

दुर्घटना के बाद राहत व बचाव कार्य में जोरहाट, गोलघाट, माजुली (गरमूर) एसडीआरएफ की 41 सदस्यीय टीम जिसमें 09 डीप डाइवर सात बाचव नावों के साथ अभियान में जुटे हुए हैं।

प्रथम बटालियन एनडीआरएफ और 12वीं बटालियन एनडीआरएफ की कुल 167 सदस्यीय टीम 30 डीप डाइवर के साथ 24 बचाव नावों के साथ अभियान में जुटी हुई हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही जोरहाट से प्रथम बटालियन एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, जबकि 12वीं बटालियन एनडीआरएफ की टीम शिवसागर, धेमाजी और इटानगर से घटनास्थल पर पहुंची हैं।

यह घटना बुधवार शाम टिपकाई नामक जहाज और एक फेरी (यंत्र चालित नाव) मां कमला के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गयी। हादसे के बाद मां कमला नामक फेरी नद में डूब गयी थी।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में इलाजरत लोगों से मिलकर उनका हालचाल जाना।

सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन देने के साथ ही इस घटना की उच्चस्तरीय जांच का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने बताया कि जोरहाट और विश्व के सबसे बड़ी नदी द्वीप माजुली को जोड़ने वाला एक पुल निर्माणाधीन है। मंत्रियों का एक समूह इसकी प्रगति की जल्द ही समीक्षा करेगा।

उन्होंने बताया कि इस हादसे के मामले में अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि आज से निमाती घाट से उन निजी फेरी का परिचालन को बंद कर दिया गया है जिनमें मरीन इंजन नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निजी फेरी के मालिक एकल इंजन को मरीन इंजन में बदलना चाहते हैं, तो सरकार 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 10 लाख रुपये का अनुदान प्रदान करेगी।

नाव पर काम करने वालों की स्वास्थ्य जांच के लिए एसओपी भी जारी की जाएगी।

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