मुसलमान जिसे चाहे वोट दे सकते हैं: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

Digital News
2 Min Read

लखनऊ: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने परंपरा से हटकर एक बयान जारी कर कहा है कि मुसलमान चुनाव में किसी भी व्यक्ति या पार्टी को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं।

यह पहली बार है जब एआईएमपीएलबी ने वोटिंग को लेकर बयान जारी किया है।

एआईएमपीएलबी के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी ने कहा कि लोगों को आत्मनिरीक्षण के बाद मतदान करना चाहिए लेकिन किसी व्यक्ति विशेष पार्टी या व्यक्ति को वोट देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

बयान में कहा गया है, एआईएमपीएलबी ने कभी किसी पार्टी के पक्ष में कोई अपील जारी नहीं की है और न ही भविष्य में ऐसा करेगी। लोगों को वोट डालने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।

मौलाना ने आगे कहा कि बोर्ड ने परंपरा के तौर पर कभी भी किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में कोई अपील जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

- Advertisement -
sikkim-ad

बयान में कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए जारी किए जा रहे भ्रामक बयानों के खिलाफ भी समुदाय को चेतावनी दी गई है।

बोर्ड के सूत्रों ने कहा कि बयान यह स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया था कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के राज्य चुनाव लड़ने में बोर्ड की कोई भूमिका नहीं थी।

ओवैसी एआईएमपीएलबी के सदस्य हैं और उनकी पार्टी के लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल यह बताने के लिए कर रहे हैं कि उन्हें बोर्ड के सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।

Share This Article