NEET : जांच कमेटी ने ग्रेस मार्क्स देने में पाई गड़बड़ी, इसलिए फिर हो रहा एग्जाम

Digital Desk
2 Min Read

NEET UG Re-Exam : मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में एडमिशन के लिए हुए NEET एग्जाम में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में आंदोलन हो रहा है।

एग्जाम कंडक्ट करने वाली एजेंसी NTA पर मेडिकल छात्रों ने पेपर लीक (Paper Leak), ग्रेस मार्क्स (Grace Marks) आदि को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

इसके बाद NTA ने अपनी तरफ से एक जांच कमेटी बनाई थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही NTA ने ग्रेस मार्क्स वाले कैंडिडेट्स के री-एग्जाम (Re-Exam) का फैसला लिया है।

इसकी जानकारी एजेंसी द्वारा Supreme Court को भी दी जा चुकी है। इसके अनुसार ग्रेस मार्क्स पे स्टूडेंट्स को 23 जून को फिर से परीक्षा देनी होगी और उनका रिजल्ट 30 जून को आएगा।

 1563 उम्मीदवारों के ग्रेस मार्क किए जाएं रद्द

जानकारी के अनुसार, गलत NEET परीक्षाओं की पवित्रता पर उठे सवालों को जांच के लिए NTA द्वारा गठित चार सदस्यीय कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि 1563 उम्मीदवारों को दिए गए ग्रेस मार्क रद्द किए जाएं। इसके बाद ही उक्त फैसला लिया गया।

- Advertisement -
sikkim-ad

रिपोर्ट में कहा गया कि यह स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि जीआरसी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि लॉस ऑफ टाइम के लिए ग्रेस मार्क्स केवल (अनसॉल्व्ड) प्रश्नों की संख्या तक सीमित होना चाहिए था।

रिजल्ट जारी करने के इस प्रोसेस के कारण यह विवाद खड़ा हुआ है। ग्रेस मार्क्स देने से कई छात्रों की रैंक ऊपर चली गई और कई छात्र रैंक में नीचे आ गए।

जांच कमेटी ने रिपोर्ट में बताया कि CBT मोड के अलावा OMR शीट पर होने वाली परीक्षाओं में समय को कैलक्यूलेट करने के लिए कोई भी सिस्टम तैयार नहीं था।

आगे कहा गया है कि इसमें बच्चों का नुकसान एग्जाम कराने वाले कोऑर्डिनेटर्स की वजह से हुआ है। प्रभावित 1563 उम्मीदवारों को रजिस्टर्ड ईमेल I’d के पर उनके स्कोर को बारे में बताया जाएगा, जिसमें ग्रेस मार्क्स शाममिल नहीं होंगे।

1563 उम्मीदवारों के लिए 23 जून को री-एग्जाम आयोजित कराया जाएगा।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply