दो अलग-अलग कोरोना टीके की डोज लगवाने पर क्या होगा असर

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नई दिल्ली: भारत में जल्द ही टीकाकरण अभियान में तेजी आ सकती है।

इसके लिए न सिर्फ टीके का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया जा रहा है बल्कि दो अलग-अलग कंपनियों की कोरोना वैक्सीन की खुराकों को मिलाकर दिए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुर ऑन इम्यूनाइजेशन (एनटीएजीआई) के तहत काम कर रही कोविड-19 वर्किंग ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर एन के अरोड़ा ने बताया है कि अगले कुछ हफ्तों में दो अलग-अलग वैक्सीन की मिक्सिंग कर यह जांच की जाएगी कि क्या इससे टीके का असर बढ़ रहा है।

डॉ. एनके अरोड़ा ने बताया कि एक डोज किसी वैक्सीन की और दूसरी डोज किसी और वैक्सीन की मिलाकर इसका रिजल्ट देखा जाएगा। इसपर अगले कुछ हफ्तो में स्टडी शुरू करने की योजना है।

उन्होंने बताया कि रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा था कि वह जून महीने से ही 10 से 12 करोड़ खुराकों का उत्पादन करेगी, जो कि अभी की तुलना में करीब 50 फीसदी ज्यादा है।

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भारत बायोटेक भी जुलाई अंत तक कोवैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने वाला है। डॉ. एनके अरोड़ा के मुताबिक, अगस्त के आखिर तक भारत में हर महीने टीके की 20 से 25 करोड़ खुराकें उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा अन्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों से या फिर विदेश से आने वाली वैक्सीन को जोड़ दें तो 5 से 6 करोड़ अतिरिक्त खुराकें भी उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकार का लक्ष्य देश में हर दिन 1 करोड़ लोगों को टीका देने का है।

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