नई दिल्ली: देश में कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है लेकिन राज्यों में वैक्सीन की कमी की खबरें अभी भी सामने आ रही हैं।
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी भी 1.65 करोड़ वैक्सीन की डोज उपलब्ध हैं।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, कम से कम नौ राज्यों ने जनवरी और मार्च के बीच उन्हें सप्लाई की गई कोरोना वैक्सीन की खुराक को पूरा इस्तेमाल किया ही नहीं।
इसी के चलते महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान धीमा हो गया। बता दें कि भारत ने 16 जनवरी को कोरोना के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया था।
31 मार्च तक चले अभियान के पहले दो चरणों में विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को कवर किया गया।
इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र और फिर 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को वैक्सीन दी गई।
एचटी द्वारा देखे गए डेटा से पता चला है कि राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली ने उन्हें दी गई वैक्सीन का पूरा इस्तेमाल किया ही नहीं।
एक सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “ये राज्य, जनवरी, फरवरी और मार्च में केंद्र की ओर से टीकों की अच्छी खासी सप्लाई के बावजूद, अपनी आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रभावी ढंग से टीका लगाने में विफल रहे।
” इन सभी राज्यों को सरकार ने हर महीने टीकों की संख्या बढ़ाकर ही दी है।
अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन को लेकर जागरुकता की कमी और हिचकिचाहट के चलते भी टीकाकरण धीमा रहा।
राजस्थान को तीन माह में दी गई 1.06 करोड़ खुराक में से 0.57 करोड़ ही इस्तेमाल की गई, पंजाब को दी गई 0.29 करोड़ खुराक में से लगभग 840,000 ही इस्तेमाल की गई।
छत्तीसगढ़ को मिली 0.43 करोड़ खुराक में से 0.19 करोड़ ही इस्तेमाल की गई। वहीं तेलंगाना में 0.41 करोड़ में से केवल 0.13 करोड़ वैक्सीन ही इस्तेमाल की गई।
आंध्र प्रदेश को मिली 0.66 करोड़ वैक्सीन में से 0.26 करोड़ और झारखंड में 0.31 करोड़ में से लगभग 0.16 करोड़ की यूज की गई। इसके अलावा केरल को दी गई 0.63 करोड़ वैक्सीन में से 0.34 करोड़ ही इस्तेमाल हुई।
इधर, महाराष्ट्र ने केंद्र द्वारा दी गई 1.43 करोड़ खुराक में से केवल 0.62 करोड़ खुराक का ही इस्तेमाल किया जबकि दिल्ली ने 0.44 करोड़ में से 0.24 करोड़ को ही इस्तेमाल किया