भारत को कोरोना से जंग में जल्द मिल सकेगा एक और हथियार

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नई दिल्ली: भारत में चल रहे कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान को अब जल्द ही एक और हथियार मिल सकता है।

अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने अपने कोविड टीके को भारत में लाने के लिए मंजूरी मांगी है।

मॉडर्ना ने जहां टीके के लिए दवा नियामक से मंजूरी मांगी है तो वहीं सिप्ला कंपनी ने इस वैक्सीन के आयात के लिए मंजूरी पाने का आवेदन दिया है।

बता दें कि फिलहाल देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिली हुई है।

वहीं, रूस की वैक्सीन स्पूतनिक वी अभी कुछ निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।

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बीते महीने ही भारत सरकार ने विदेशी कंपनियों की बनाई कोविड वैक्सीन के लिए लोकल ट्रायल की अनिवार्यता को खत्म कर दिया था, जिससे वैक्सीनेशन अभियान को रफ्तार मिलने की संभावना जताई जा रही थी।

बदलावों के मुताबिक, जिन वैक्सीन को डब्लूएचओ या फिर अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों की दवा नियामक संस्थाएं आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे चुकी हैं, उन्हें अब भारत में भी ट्रायल की जरूरत नहीं होगी।

भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2021 तक सभी नागरिकों को वैक्सीनेट करने का लक्ष्य रखा है।

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा टीकों की जरूरत होगी।

ऐसे में अगर मॉडर्ना की वैक्सीन को मंजूरी मिलती है तो देश में टीकाकरण की प्रक्रिया और तेज हो सकती है।

बता दें कि भारत में अभी तक 32.36 करोड़ लोगों को कोरोना टीका लगाया गया है।

सबसे तेज टीकाकरण के मामले में भारत ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है।

भारत अब टीकाकरण के मामले में ब्रिटेन, इटली, जर्मनी और फ्रांस से आगे है।

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