कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं: अरविंद केजरीवाल

News Aroma Media
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नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा दिल्ली के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ‘ओमिक्रॉन वेरिएंट’ से घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार के साथ ही वह खुद इस पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मुख्यमंत्री ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले हफ्ते समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया गया था।

दिल्ली सरकार ने पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन, बेड्स, दवाइयों और उपकरण का इंतजाम कर रखा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और घर से बाहर निकलते समय मास्क अवश्य पहनें।

इस बार कुछ इस तरह की हुई है तैयारी

 

मुख्यमंत्री ने बीते सप्ताह कोरोना की संभावित लहर से निपटने के लिए संबंधित विभागों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया था।

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दिल्ली सरकार की तैयारी 64-65 हजार बेड्स तैयार करने की है। मौजूदा समय में दिल्ली सरकार ने 30 हजार ऑक्सीजन बेड्स पहले ही तैयार कर लिया है, जिसमें 10 हजार आईसीयू बेड हैं।

इसके अलावा, दिल्ली सरकार फरवरी तक 6800 आईसीयू बेड तैयार कर लेगी। साथ ही, इस तरह की व्यवस्था की गई है कि जरूरत पड़ने पर दो सप्ताह के नोटिस पर दिल्ली के हर वार्ड में 100-100 ऑक्सीजन बेड तैयार कर लिए जाएंगे। इसके अलावा, 32 किस्म की दवाइयों को दो महीने का स्टॉक ऑर्डर दिया जा चुका है, ताकि दवाइयों की कमी न पड़े।

 

दिल्ली सरकार ने 442 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भंडारण की अतिरिक्त क्षमता बना ली है और दिल्ली में 121 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भी बननी चालू हो गई है।

ऑक्सीजन के प्रबंधन के लिए सभी टैंक में टेलीमेट्री डिवाइस लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि रियल टाइम पर उपलब्ध ऑक्सीजन की जानकारी मिलती रहे।

साथ ही केजरीवाल सरकार ने दो बॉटलिंग प्लांट्स लगाया है। इसकी मदद से दिल्ली में अब प्रतिदिन 2900 सिलेंडर भरे जा सकेंगे।

 

विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सों व मेडिकल छात्रों को दिया गया है विशेष प्रशिक्षण

 

कोरोना की संभावित लहर को देखते हुए मैन पावर की कमी न हो, इसके लिए केजरीवाल सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मेडिकल स्टूडेंट्स, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया है।

केजरीवाल सरकार ने कुल 15370 डॉक्टर, नर्सेज, मेडिकल स्टूडेंट्स और पैरामेडिक्स को प्रशिक्षण दिया है, जिसमें 4673 डॉक्टर, 1707 मेडिकल छात्र, 6265 नर्स और 2726 पैरामेडिक्स शामिल हैं।

इन्हें ऑक्सीजन थेरेपी, कोविड प्रबंधन, पीडियाट्रिक वार्ड कोविड प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है।

 

पांच हजार हेल्थ असिस्टेंट भी जरूरत पड़ने पर करेंगे मदद

 

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कोरोना की संभावित लहर को ध्यान में रखते हुए पांच हजार हेल्थ असिस्टेंट भी तैयार किए हैं। जरूरत पड़ने पर सरकार इन हेल्थ असिस्टेंट की भी मदद ले सकेगी।

हेल्थ असिस्टेंट को नर्सिंग, पैरामेडिक्स, होम केयर, ब्लड प्रेशर मापने, वैक्सीन लगाने समेत अन्य बेसिक ट्रेनिंग दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर हेल्थ असिस्टेंट, डॉक्टर और नर्स के असिस्टेंट के रूप में काम करेंगे और खुद से कोई निर्णय नहीं लेंगे।

 

होम आइसोलेशन को और मजबूत कर रही है दिल्ली सरकार

 

केजरीवाल सरकार को कोरोना की बीती लहरों के दौरान मरीजों की अच्छी देखभाल करने में होम आइसोलेशन प्रणाली से काफी मदद मिली है।

इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर होम आइसोलेशन प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है। जिससे कि कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर ही बेहतर इलाज दिया जा सके।

 

कोविड हेल्पलाइन नंबर 1031 की ले सकते हैं मदद

 

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कोविड मरीजों को किसी भी दिक्कत के दौरान मदद के लिए दिल्ली सरकार ने कोविड हेल्पलाइन नंबर 1031 जारी किया है।

यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे काम करता है। इसमें तीन शिफ्टों में 25 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, जो 600 से 700 कॉल अटेंड कर सकते हैं।

अगर कॉल संख्या में वृद्धि होती है, तो इसे बढ़ा दिया जाएगा। कोई भी हेल्पलाइन नंबर पर काल कर ऑक्सीजन सिलेंडर, टेली परामर्श, पल्स ऑक्सीमीटर, मेडिसिन किट, वैक्सीनेशन, अस्पताल में बेड की उपलब्धता, होम आइसोलेशन, एंबुलेंस सेवा, टेस्ट समेत अन्य जानकारी प्राप्त कर सकता है।

 

मेडिकल ऑक्सीजन इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही सरकार

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल ऑक्सीजन इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत करने के लिये दिल्ली सरकार काम कर रही है।

जिससे कि ऑक्सीजन की अधिक मांग बढ़ने पर उसकी आपूर्ति की जा सके। इसके लिए मेडिकल ऑक्सीजन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जा रहा है।

आपातकालीन उपयोग के लिए 6,000 ‘डी’ टाइप के सिलेंडर रिजर्व में रखे गए हैं। दिल्ली में पहले ऑक्सीजन रिफिलिंग क्षमता एक दिन में 1,500 सिलेंडर थी।

अब इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए 12.5 मीट्रिक टन की क्षमता के दो क्रॉयोजेनिक प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रतिदिन अतिरिक्त 1,400 जंबो सिलेंडर भरे जा सकेंगे।

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