नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई के उस प्रावधान को निरस्त कर दिया है जिसमें 12वीं कक्षा के इंप्रूवमेंट परीक्षा में मिले अंकों को अंतिम माना गया है।
जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीएसई को निर्देश दिया कि वो छात्रों को दोनों परीक्षा में मिले अंकों में से किसी एक को चुनने का विकल्प उपलब्ध कराए।
याचिका 12वीं कक्षा के उन छात्रों ने दाखिल की है जिन्हें या तो फेल घोषित कर दिया गया था या इंप्रूवमेंट में बहुत कम अंक दिए गए थे।
इन छात्रों ने अपने मूल परिणाम को निरस्त नहीं करने की मांग की थी।
याचिका में इम्प्रूवमेंट परीक्षा के रिजल्ट की बजाय याचिकाकर्ता छात्रों के मूल परिणाम को बनाए रखने का दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ताओं को आशंका थी कि सीबीएसई की ओर से 17 जून को जारी मूल्यांकन नीति के खंड 28 के आधार पर उनके मूल परिणाम को निरस्त कर दिया जाएगा जिसमें उन्हें पास घोषित किया गया है।