भारत में भी मिल रहे कोरोना के नए स्ट्रेन के केस, जानिए नए कोरोना वायरस के लक्षण

News Aroma Media
3 Min Read
#image_title

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन यानि नया प्रकार है, जिसे लेकर सब चिंतित हैं। भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 19,078 नए मामले और 224 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिनके साथ शनिवार को देश में संक्रमण का कुल आंकड़ा 1,03,05,788 हो गया।

वहीं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, मृत्यु का कुल आंकड़ा 1,49,218 हो गया। भारत में लगाातर नए मामले सामने आ रहे हैं और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।

भारत में भी मिले नए स्ट्रेन के केस

भारत में भी यह कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन एंटर हो चुका है। ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए प्रकार (स्ट्रेन) से अबतक देश में कुल 25 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को दी। मंत्रालय ने बताया कि इन 25 संक्रमितों में मंगलवार और बुधवार को वायरस के नए प्रकार से संक्रमित 20 मरीज भी शामिल हैं।

- Advertisement -
sikkim-ad

मंत्रालय ने बताया, ‘‘इन सभी 25 मरीजों को चिकित्सालयों में एकांतवास में रखा गया है।’’

कई देशों तक पहुंचा कोरोना का नया स्ट्रेन

उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में सबसे पहले मिले कोरोना वायरस के इस नए प्रकार की अब डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन,स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर में भी मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है।

इतनी ही नहीं, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस जैसी खतरनाक महामारी फैलाने के लिए जिम्मेदार माने जानेवाले देश चीन में भी अब कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन ने दस्तक दे दी है।

यहां ब्रिटेन से लौटी 23 साल की एक महिला में कोरोना का नया स्ट्रेन मिला है।

क्या हैं कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण?

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के अनुसार- बुखार, खांसी, थकान, सिरदर्द, डायरिया, मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर रैशेज, आदि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के लक्षण हैं।

इसके अलावा इस स्ट्रेन की वजह मरीज को सीने में तेज दर्द की शिकायत भी होती है। इसके बाकि सभी लक्षण पुराने कोरोना वायरस की तरह ही हैं।

क्या है नए स्ट्रेन का नाम?

आपको बता दें कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस का जो नया स्ट्रेन मिला है, उसका नाम है B.1.1.7 है। वैज्ञानिकों के अनुसार नया स्ट्रेन मूल वायरस के मुकाबले 70 फीसदी अधिक संक्रामक है।

शुरूआती जांच में यह पता चला कि म्यूटेशन से बना B.1.1.7 स्ट्रेन अत्यधिक संक्रामक है, लेकिन खतरनाक कम है।

Share This Article