खबरें पाकिस्तानी अखबारों से…, OIC में कुरैशी का भारत विरोधी बयान पाक मीडिया में छाया

News Aroma Media
3 Min Read
#image_title

नई दिल्ली: पाकिस्तान से प्रकाशित होने वाले अधिकांश अखबारों ने आज अपने मुख्य पृष्ठ पर ओआईसी सम्मेलन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बयानों को काफी महत्व दिया है।

अखबारों के अनुसार कुरैशी ने अपने भाषण में भारत के जरिए पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करने, कश्मीरी आवाम पर जुल्म-व-सितम जारी रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा की है।

अखबारों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख वैज्ञानिक मोहसिन फखरी की आतंकवादियों द्वारा की गई हत्या और पाकिस्तान स्टील मिल्स के साढ़े चार हजार से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने की खबर के साथ-साथ प्रधानमंत्री इमरान खान के उस बयान को भी प्रमुखता से छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहा है और पाकिस्तान का विपक्ष जलसा-जुलूस करके यहां के आवाम कि जिंदगियों से खेल रहा है।

अखबारों ने विपक्ष के भी बयान को स्थान दिया है जिसमें कहा गया है कि कोरोना से अधिक खतरनाक वर्तमान सरकार है।

इसके अलावा पाकिस्तान में महंगाई की दर कम होने की खबर भी अखबारों की सुर्खियां बनी हैं।

- Advertisement -
sikkim-ad

रोजनामा जंग, रोजनामा नवायवक्त, रोजनामा पाकिस्तान और रोजनामा जिन्नाह समेत तमाम बड़े समाचार पत्रों ने इन बड़ी खबरों को पहले पृष्ठ पर जगह दी है।

रोजनामा जंग में पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल बाजवा के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के दौरे की खबर और उनके बयान को प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि भविष्य में होने वाले युद्ध के लिए हमें हथियारों की जरूरत के लिए आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा।

इसके अलावा अखबार ने फ्रांस में एक मस्जिद के इमाम हाफिज लुकमान को चार्ली आबदो मैगजीन के दफ्तर पर हमले की वीडियो शेयर करने के जुर्म में देढ़ साल की सज़ा और उन्हें मुल्क बदर किए जाने की खबर भी दी है।

यह इमाम पाकिस्तान के रहने वाले हैं।

रोजनामा जिन्नाह ने वर्ष 2015 में डेरा गाजी खान से अपहरण की गई लड़की असमा मजीद केस की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही सख्त रिमार्क दिया है।

अदालत ने कहा है कि यह सच है कि हमारे मुल्क में औरतों और बच्चों को बेचा जाता है।

जस्टिस मजाहिर नकवी ने कहा है कि पता लगाएं हैदराबाद के किसी डेरे में बच्ची मिल जाएगी।

जस्टिस उमर अता बंदयाल ने पुलिस की रिपोर्ट पर संतोष जाहिर किया है।

रोजनामा नवायवक्त ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को उनके घर पर दोबारा नजर बंद करने और उनके ऊपर इंटरनेट के इस्तेमाल की पाबंदी लगाए जाने की खबर दी है।

Share This Article