2021 में मधुपुर उपचुनाव मामले में FIR कैंसिल करने पर हुई सुनवाई, 3 सप्ताह में…

निशिकांत दुबे पर गलत Tweet करने एवं बयान बाजी को लेकर देवघर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, याचिका में कहा गया है कि घटना के छह माह के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है

News Aroma Media
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रांची : झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) में 2021 में हुए मधुपुर उपचुनाव के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) पर गलत Tweet एवं बयानबाजी करने को लेकर दर्ज चार प्राथमिकी को निरस्त करने को लेकर दाखिल याचिका की सुनवाई गुरुवार को हुई।

मामले में राज्य सरकार द्वारा कुछ अतिरिक्त दस्तावेज को प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की गई।

घटना के छह माह के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई

जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को शपथ पत्र दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक इन सभी चार मामलों में निशिकांत दुबे के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक जारी रखी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव और पार्थ जालान ने पैरवी की।

निशिकांत दुबे पर गलत Tweet करने एवं बयान बाजी को लेकर देवघर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। याचिका में कहा गया है कि घटना के छह माह के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मधुपुर उपचुनाव के दौरान कि निशिकांत दुबे पर कुल चार प्राथमिकी मधुपुर सब डिवीजन (Madhupur Sub Division) के अलग-अलग थानों में की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि प्राथमिकी में जो सेक्शन लगाए हैं उसमें सिर्फ कंप्लेंट केस हो सकता है FIR नहीं।

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