अब भारत में भी होगा इस अमेरिकी जेट इंजन का उत्पादन, संयुक्त रूप से…

News Aroma Media
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वाशिंगटन : America ने भारत में GEKF 414 जेट इंजन के संयुक्त उत्पादन को मंजूरी दे दी है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई दिशा मिलेगी।

अमेरिकी व्हाइट हाउस (American White House) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन के आधिकारिक डिनर की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही।

अधिकारी ने कहा, भारत MQ 9B सशस्त्र सी गार्डियंस की खरीद की घोषणा करेगा, जो लगभग सात वर्षो तक चली लंबी बातचीत के अंत का प्रतीक है।

पत्रकारों के लिए बैठक का प्रीव्यू करने वाले अधिकारियों में से एक ने कहा कि इसके लिए हमारे डिलिवरेबल्स (Deliverables) का स्वभाव, गंभीरता और विस्तार अभूतपूर्व है।अब भारत में भी होगा इस अमेरिकी जेट इंजन का उत्पादन, संयुक्त रूप से… Now this American jet engine will also be produced in India, jointly…

इसका पालन करना होगा जरूरी

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में से एक ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि इस लक्ष्य को हासिल करने में नौकरशाही बाधाओं को दूर करने के लिए हम जो कदम उठा पाए हैं, उससे भारतीय आश्चर्यचकित और रोमांचित हैं।

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इसलिए मुझे लगता है कि हम पूरी तरह से मानते हैं कि इसका पालन करना जरूरी होगा।अब भारत में भी होगा इस अमेरिकी जेट इंजन का उत्पादन, संयुक्त रूप से… Now this American jet engine will also be produced in India, jointly…

इन जेट इंजनों का उपयोग दूसरी जनरेशन के तेजस लड़ाकू विमानों के लिए

भारत इन जेट इंजनों का उपयोग अपनी दूसरी जनरेशन के तेजस लड़ाकू विमानों के लिए करेगा। वर्तमान विमान GE’s F404 Engine का उपयोग करते हैं, जिन्हें भारत में असेंबल किया जाता है।

F414S का भारत में जीई द्वारा भारत के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ सह-उत्पादन किया जाएगा।

इन इंजनों का उपयोग US अमेरिकन F/A-18 सुपर हॉर्नेट्स द्वारा किया जा रहा है।

जनरल एटॉमिक्स के MQ-9 C गार्जियन ड्रोन वर्षो से भारत की इच्छा सूची में हैं और भारतीय नौसेना 2020 से कंपनी के स्वामित्व वाले और कंपनी द्वारा संचालित लीज समझौते में दो MQ-9A ड्रोन का उपयोग कर रही है।

दोनों पक्षों द्वारा जारी किए जाने वाले संयुक्त बयान में सामान्यीकृत प्राथमिकता प्रणाली नामक योजना के तहत अमेरिका में भारतीय निर्यात के लिए तरजीही व्यापारिक लाभों की बहाली भी शामिल होने की संभावना है, जिसे 2019 में ट्रंप प्रशासन द्वारा निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि यह भारत से बाजार पहुंच संबंधी रियायतें नहीं ले सका।अब भारत में भी होगा इस अमेरिकी जेट इंजन का उत्पादन, संयुक्त रूप से… Now this American jet engine will also be produced in India, jointly…

मास्टर जहाज मरम्मत समझौते की घोषणा की उम्मीद

इस योजना के तहत, कुछ भारतीय सामान बिना टैरिफ के अमेरिका में प्रवेश करते हैं और निलंबन के समय भारत से इन अमेरिकी आयातों का मूल्य 6 अरब डॉलर से अधिक था।

उम्मीद है कि गुरुवार सुबह बिडेन की मोदी के साथ बैठक के बाद दोनों पक्ष कई संयुक्त पहलों और समझौतों की घोषणा करेंगे, जिससे दोनों पक्षों के बीच सहयोग की एक नई भावना पैदा होगी।

उम्मीद है कि दोनों नेता एक मास्टर जहाज मरम्मत समझौते की भी घोषणा करेंगे, जिसमें अमेरिकी नौसेना के जहाज भारतीय शिपयार्डो में मरम्मत के लिए जाएंगे।

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