Matriculation exam paper leak case in Jharkhand: झारखंड में मैट्रिक परीक्षा पेपर लीक मामले में स्ट्रांग रूम के प्रभारी और 10 शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर जिला कोषागार पदाधिकारी ने इनसे कार्य में लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण मांगा है।
लापरवाही बरतने पर 10 शिक्षकों से स्पष्टीकरण
जैक मैट्रिक परीक्षा पेपर लीक मामले में उपायुक्त के निर्देश पर जिला कोषागार पदाधिकारी ने कार्य में लापरवाही के कारण स्ट्रांग रूम प्रभारी और 10 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। ये शिक्षक हैं मनोज कुमार यादव, मनोज कुमार वर्मा, मुनचुन अंसारी, गोविंद झा, अभिमन्यु सिंह, अनूप कुमार गुप्ता, रितेश कुमार, रमेश कुमार, उमेश प्रसाद चौधरी और पवन कुमार। पत्र में उल्लेख किया गया है कि शिक्षकों को प्रश्नपत्रों का भंडारण वज्रगृह में करने का दायित्व सौंपा गया था, लेकिन मजदूर द्वारा प्रश्नपत्र की चोरी की घटना घटी।
कई अन्य बिंदुओं पर जांच जारी
कोडरमा पुलिस द्वारा छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जिला प्रशासन कई अन्य बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। दंडाधिकारी और केंद्राधीक्षक की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने प्रश्नपत्र लेते समय और परीक्षा केंद्रों में बांटते समय सील की जांच नहीं की थी। इस स्तर पर भी लापरवाही हुई।
प्रश्नपत्र ढोने के मजदूरों के सप्लायर की तलाश जारी
सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्र ढोने के लिए जिन मजदूरों को लगाया गया था, उनके सप्लायर विक्की मिर्धा की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने धनबाद, गिरिडीह के नगीना सिंह रोड और झरियागादी इलाके में छापेमारी की है। विक्की मिर्धा कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज गया था और उसने अपने फोन को बंद कर दिया है। पुलिस उसके अंतिम लोकेशन के आधार पर धनबाद में छापेमारी कर रही है।
प्रश्नपत्र बिना जांच किए ही बांटा गया
कोडरमा पुलिस की जांच अब परीक्षा केंद्रों पर केंद्रित है। जांच में पता चला है कि जिस पैकेट को ब्लेड से काटकर प्रश्नपत्र निकाला गया था, उसे तिसरी के प्लस टू अग्रवाला हाइस्कूल परीक्षा केंद्र पर बिना जांच किए ही परीक्षार्थियों में बांटा गया था। इस पैकेट को तिसरी प्रखंड के BDO सह दंडाधिकारी मनीष कुमार ने प्राप्त कर बैंक तक पहुंचाया और केंद्राधीक्षक घनश्याम गोस्वामी ने प्राप्त किया।
पुलिस ने जब्त किया पैकेट
कोडरमा पुलिस ने बरामद प्रश्नपत्र के सीरियल नंबर के आधार पर उस पैकेट को खोज निकाला, जिससे प्रश्नपत्र निकाले गए थे। पैकेट को पुलिस ने तिसरी स्थित प्लस टू अग्रवाला हाइस्कूल से बरामद कर लिया है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
2019 से शहरी आजीविका केंद्र बना स्ट्रांग रूम
डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि वर्ष 2019 से शहरी आजीविका केंद्र को ही स्ट्रांग रूम के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। इस बार भी उसी भवन में स्ट्रांग रूम बनाया गया था। प्रश्नपत्रों की निगरानी और भंडारण के लिए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई थी और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
10 शिक्षकों और स्ट्रांग रूम प्रभारी को नोटिस
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि लापरवाही बरतने के आरोप में 10 शिक्षकों और एक स्ट्रांग रूम प्रभारी को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। पुलिस की लापरवाही को लेकर SP डॉ विमल कुमार को भी पत्र लिखा गया है।
पूरी स्थिति पर नजर-अनिल कुमार सिंह
कोडरमा के अनुसंधानकर्ता सह SDPO अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गहन जांच की जा रही है और जैसे-जैसे तथ्य और साक्ष्य मिलेंगे, संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उन्हें जेल भेज दिया गया है।