रांची: शिक्षकों (Teachers) की नुयक्ति (Appointment) के लिए झारखंड में नई व्यवस्था (New System) के तहत सीटों का आरक्षण (Reservation) होगा।
यह नियम राज्य के प्राथमिक (Primary) और मध्य विद्यालय (Middle School) के लिए किया गया है और यह आरक्षण की व्यवस्था केवल सहायक अध्यापकों (Assistant Teachers) के लिए लागू की गई है। इसके अलावा कुल नियुक्ति में भी 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) दिया जाएगा।
इसके लिए राज्य के शिक्षा मंत्री ने भी मंजूरी दे दी है और विभाग ने प्रस्ताव को कैबिनेट के पास भेज दिया है। इसके अलावा PF, कल्याण कोष (Welfare Fund), अनुकंपा पर नौकरी (Compassionate Job) आदि को लेकर बैठक होगी। इन शिक्षकों के PF से जुड़ने के बाद इन्हें भी पेंशन (Pension) का लाभ दिया जाएगा।
इस वर्ष जून में ‘सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति नियमावली’ की अधिसूचना जारी की गयी थी। इसके नियुक्ति से पहले ही नियमावली में संशोधन किया जा रहा है।
इसके बाद प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। प्राथमिक व मध्य विद्यालय में सहायक आचार्य 50 हजार पद सृजित किये गये हैं। प्रथम चरण में इनमें से 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी।
बदलाव करने का ये है बड़ा कारण
2022 की शिक्षक नियुक्ति नियमावली (Teacher Appointment Rules) के पहले केवल पारा शिक्षकों (Para Teachers) के लिए ही आरक्षण का प्रावधान था।
इस नियमावली में पारा शिक्षक के जगह संविदाधारी कर्मियों को जोड़ दिया गया था। इस कारण पारा शिक्षक के अलावा शिक्षा विभाग के कार्यरत संविदाकर्मी (Contractual Workers) के लिए भी सीट आरक्षित हो गयी थी।
पारा शिक्षक संगठन इसका विरोध कर रहे थे। राज्य में 50 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें आरक्षण का लाभ मिलने से 25 हजार यानी आधे पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बन जाएंगे।
हालांकि इसके लिए उन्हें परीक्षा पास करनी होगी। वहीं, बताया जा रहा है कि पारा शिक्षकों को दिए जाने वाले पीएफ पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वर्तमान में क्या था आरक्षण का प्रावधान
इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (Intermediate Trained Assistant Professor and Graduate Trained Assistant Professor) की सीधी नियुक्ति के लिए चिह्नित रिक्तियों में 50 प्रतिशत पद आरक्षित रहेगा।
पद कद्रें/राज्य प्रायोजित शैक्षणिक योजना के अंतर्गत झारखंड सरकार के नियंत्रणाधीन संविदाधारी कर्मियों (जिनकी सेवा विज्ञापन प्रकाशन की तिथि को न्यूनतम एवं लगातार दो वर्ष हो गयी हो एवं विज्ञापन प्रकाशन की तिथि को कार्यरत हो) के लिए क्षैतिज रूप से आरक्षित रहेगा।
सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली में किये जा रहे बदलाव के बाद आरक्षित 50 फीसदी पद राज्य में कार्यरत सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) के लिए आरक्षित होंगे।
पारा शिक्षकों के लिए आरक्षण में भी क्षैतिज आरक्षण प्रभावी होगा। आरक्षण (Reservation) के प्रावधान में संविदाकर्मी (Contract Worker) के प्रावधान को हटाया जायेगा।