पारा शिक्षक की आर्थिक तंगी से हो रही असमय मौत, रघुवर और मोदी सरकार को कोसने में लगी हेमंत सरकार

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गढ़वा: झारखंड के एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की हैदरनगर प्रखंड इकाई ने हेमंत सरकार पर वादा खिलाफी करने का आरोप लगाते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया।

राजकीय मीडिल स्कूल में विरेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता व विजय बहादुर सिंह के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हेमंत सरकार अपने घोषणा पत्र एवं चुनावी सभाओं में वादा किया था कि पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी करते हुए वेतनमान का लाभ दिया जायेगा।

परंतु दो वर्ष बाद भी वादा पूरा नहीं किया। कोरोना को ढाल बनाकर पूर्ववर्ती राज्य व केंद्र सरकार को कोसने में लगी है।

आर्थिक तंगी से पारा शिक्षक लगातार बेहतर इलाज़ के अभाव में असमय दम तोड़ रहे हैं। परंतु सरकार उनकी मांगों को 15 अगस्त तक पूरी नहीं की तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जायेगा।

पारा शिक्षकों को सरकार गठन के तीन महीनों में ही सेवा स्थायी करने का वादा किया गया था। राज्य के 65 हज़ार पारा शिक्षकों ने समर्थन किया था।

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बैठक में राजेन्द्र राम, मशकूर अहमद, वरुण सिंह, विरेन्द्र मेहता, विश्वनाथ राम, शैलेश सिंह, रविन्द्र मेहता, शशिभूषण सिंह, संजय राम, तनवीर आलम, गीता कुमारी, माया कुमारी, सबा जुनैद, शाहीन कमर शामिल थे।

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