पारा शिक्षकों को जारी हुआ फ़रमान, विधानसभा घेराव किया तो No Work No Pay

News Aroma Media
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रांची: पारा शिक्षकों का स्थायीकरण और वेतनमान नहीं दिए जाने के कारण राज्य के पारा शिक्षक काफी दुखी हैं। 65000 पारा शिक्षक 15 से 19 तारीख तक झारखंड विधानसभा का घेराव का फैसला लिया है।

इधर शुक्रवार को झारखंड शिक्षा परियोजना ने एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अधिकांश मांग पर कार्रवाई करते हुए उन्हें विधानसभा घेराव की अनुमति नही दी है।

पत्र में लिखा है कि बार-बार धरना प्रर्दशन/घेराव/हड़ताल आदि से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होता है।

इस वैश्विक महामारी के समय लम्बे समय के बाद विद्यालय खुले हैं ऐसे में बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने के स्थान पर धरना प्रदर्शन/घेराव/हड़ताल आदि करना उचित प्रतीत नहीं होता है।

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बता दें की एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने स्थायीकरण, येतनमान एवं वर्तमान समस्याओं के समाधान नहीं होने की स्थिति में 14 मार्च 2021 तक पूर्ति नहीं होने की स्थिति में जिलावार 15 मार्च 2021 से 19 मार्च, 2021 तक विधानसभा घेराव का फैसला लिया है।

हर दिन अलग-अलग जिलों के पारा शिक्षक झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे।

दिए गए ये निर्देश

1.विद्यालय में पारा शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

2.पारा शिक्षकों के धरना/ प्रदर्शन हेतु विद्यालय से अनुपस्थिति को अनाधिकृत

3.अनुपस्थिति माना जाएगा तथा यह No Work No Pay की श्रेणी में आएगा।

4. उक्त अवधि में सिर्फ अति विशेष परिस्थिति यथा गंभीर बीमारी/ अस्वस्थता की स्थिति में सक्षम प्राधिकार द्वारा मेडिकल प्रमाण पत्र के आधार पर अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा तथा इसकी विवरणी नाम के साथ जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को अनिवार्य रूप से देना होगा।

5.विशेष रूप से पारा शिक्षकों के घेराव कार्यक्रम के समय विद्यालय में पारा शिक्षकों की उपस्थिति का सघन अनुश्रवण किया जाए एवं समेकित रूप से प्रतिदिन 3.00 बजे तक उपस्थिति विवरणी राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध करायी जाए।

6.सरकारी काम में बाधा पहुंचाने एवं बिना सूचना तथा बिना सक्षम पदाधिकारी की स्वीकृति से विद्यालय से गायब रहनेवाले शिक्षक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कारवाई की जाए।

7.पारा शिक्षकों की अनुपस्थिति में विद्यालय बन्द न हो यह सुनिश्चित किया जाए।

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