धनबाद: राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के तीन बार दक्षता परीक्षा में असफल पारा शिक्षकों को हटाये जाने संबंधी बयान पर पारा शिक्षकों ने प्रतिक्रिया दी है।
गुरुवार को मध्य विद्यालय, बालियापुर (धनबाद) में झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ की धनबाद जिला इकाई ने प्रेसवार्ता की।
इसमें संघ के प्रदेश अध्यक्ष मो सिद्दीक शेख ने कहा, “मैं और मेरा संगठन बिहार की तर्ज पर और शिक्षा मंत्री से हुई वार्ता में तय समझौते के अनुरूप नियमावली का प्रबल समर्थक हूं और रहूंगा। लेकिन, राज्य के कुछ स्वार्थी मंडल के लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं कि झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ नियमावली का विरोध कर रहा है।”
शेख ने कहा कि सात अगस्त 2021 और 18 अगस्त 2021 को शिक्षा मंत्री के साथ संघ की वार्ता में स्पष्ट रूप से घोषणा की गयी थी कि- बिहार की तर्ज पर झारखंड में पारा शिक्षक सेवा शर्त नियमावली का निर्माण किया जायेगा और संगठन के सुझाव/आपत्ति निराकरण के बाद ही कैबिनेट में भेजा जायेगा।
18 अगस्त को हुई बैठक में एक सप्ताह के अंदर नियमावली प्रारूप देने की बात कही गयी थी, लेकिन आज दो महीने बीतने के बावजूद संगठन को प्रारूप नहीं मिला। शिक्षा मंत्री संगठन को ही इस देर की वजह बता रहे हैं, जो गलत है।
शेख ने कहा कि मानदेय वृद्धि का मामला लटकाकर रखा गया है, जबकि वर्ष 2015 में हुए समझौते के अनुरूप प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ाया जाना था।
बैठक में घोषणा की गयी थी कि तीन बार दक्षता परीक्षा में असफल पारा शिक्षकों को हटाया नहीं जायेगा, बल्कि मानदेय पर ही 60 साल तक सेवा ली जायेगी।
मंत्री की इन घोषणाओं के बाद भी अगर प्रस्तावित नियमावली में ऐसे पारा शिक्षकों को हटाने संबंधी बिंदु समाहित किया गया है, तो निश्चय ही राज्य के पारा शिक्षकों के साथ धोखा है।
शेख ने कहा, “हम इस बिंदु को लेकर विरोध करते रहेंगे। झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ आठ नवंबर को शिक्षा मंत्री द्वारा आहूत बैठक के बाद आंदोलन की घोषणा करेंगे।”
प्रेसवार्ता में जिला महासचिव अशोक चक्रवर्ती, जिला उपाध्यक्ष उत्पल चौबे, धनबाद प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र महतो, प्रखंड अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष अभिजीत सरकार, रमेश रजक, बदरुद्दीन अंसारी, अनादि दास, बुधन मुर्मू, उमेश रजक, रमेश बस्की, सुबल महतो आदि उपस्थित थे।