मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई पारा शिक्षकों की वार्ता, क्लिक कर जानें क्या 17 जनवरी से होगा आंदोलन?

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा रांची: पारा शिक्षकों की आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वार्ता हुई।

स्थायीकरण व वेतन को लेकर पारा शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिले।

वार्ता में मुख्यमंत्री ने पारा शिक्षकों के मामले को लेकर सकारात्मक दिखे। उन्होंने पारा शिक्षकों से कुछ मांगा है, कहा कि आप सभी कुछ समय दें आपकी सभी समस्याओं का निदान होगा।

मुख्यमंत्री ने पारा शिक्षको से मंगलवार तक का समय मांगा है।

सोमवार को शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री जी बैठक करेंगे, उसके बाद फिर पारा शिक्षक के नेताओ के साथ नियमावली पर सहमति पर बैठक करेंगे।

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गौरतलब है कि पारा शिक्षकों ने 17 जनवरी से आंदोलन की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत विधायकों और मंत्रियों के आवास घेराव का कार्यक्रम तय किया गया था।

बता दें की पारा शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर तीन चरणों में आंदोलन करने की योजना बनाई है।

पहले चरण में 17 जनवरी को सत्ताधारी विधायक के आवास का घेराव किया जाएगा।

उसके बाद 24 जनवरी को सरकार के मंत्रियों के आवास के सामने पारा शिक्षक धरना देंगे।

फिर 10 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष जोरदार प्रदर्शन की तैयारी भी है।

आज की बैठक पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर की पहल पर हुई है।

पारा शिक्षक नेता संजय दुबे ने बताया था कि सीएम से सकारात्मक वार्ता हुई तो आंदोलन स्थगित कर दिया जाएगा।

अब वार्ता के बाद पारा शिक्षक संघ क्या फैसला लेता है, क्या वो इस आश्वासन पर आंदोलन वापस करेंगे या नही करेंगे? हालांकि इसके बाद एकीकृत पारा शिक्षक संघ के प्रद्युम्न कुमार सिंह का कहना है की आंदोलन वापस नहीं होगा।

उन्होंने कहा है की 17 एवं 24 जनवरी तथा 10 फरवरी के कार्यक्रम को सफल बनाने में जुट जाएं।

क्या है मामला

एकीकृत पारा टीचर संघ के नेता ऋषिकेश पाठक का कहना है कि 2019 के विधानसभा चुनाव में उस समय महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पारा शिक्षकों को नियमित करने और समान काम के बदले समान वेतन देने का वादा किया था।

इसके बाद राज्य के पारा शिक्षकों, उनके परिजनों और जानने वालों ने बढ़-चढ़ कर हेमन्त सोरेन के गठबंधन को समर्थन दिया।

लेकिन अब जबकि सरकार बन गई है, तो सीएम ने अपना वादा भुला दिया है, जिसे याद दिलाना जरूरी है।

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