मां के दूध में पाए गए प्लास्टिक के अंश, इटली में यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटेनिका के वैज्ञानिकों ने किया शोध

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नई दिल्ली: प्लास्टिक स्वास्थ्य और भविष्य के लिए कितना खतरनाक (Dangerous) है यह अब सामने आने लगा है। प्लास्टिक के अंक वहां तक पहुंच चुके हैं कि आप सुनकर ही हैरान परेशान हो जाएंगे।

जी हां, प्लास्टिक का खतरा अब मां के दूध (Breast Milk) में मिलने का पता चला है। वैज्ञानिकों के अनुसार, मां के दूध में प्लास्टिक (Plastic) के सूक्ष्म कण (Fine Particles) मिलने के बाद शिशुओं को भी खतरा होने की आशंका बढ़ गई है।

इटली (Italy) में यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटेनिका (University of Politenica) के वैज्ञानिकों ने प्रसव (Delivery) के एक हफ्ते बाद 34 माताओं के दूध के नमूनों (Sample) पर अध्ययन किया।

इनमें से तीन चौथाई नमूनों में प्लास्टिक के अति सूक्ष्म कण मिले हैं। माताओ के दूध में प्लास्टिक के कण मिलने से शोधकर्ताओं में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि नवजात के लिए मां के दूध को सबसे अच्छा आहार माना जाता है।

प्लास्टिक मिला दूध पीने से शिशुओं के स्वास्थ्य (Health) पर बुरा असर पड़ सकता है।

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Breast Milk

काफी खतरनाक है ये प्लास्टिक के सूक्ष्म कण

मां के दूध तक ये कण कैसे पहुंचे, यह समझने के लिए पैकेजिंग (Packaging) वाली खाने-पीने की वस्तुओं पर भी अध्ययन किया। हालांकि वे दोनों के बीच कोई लिंक नहीं ढूंढ पाए।

इससे यह माना गया कि प्लास्टिक के सूक्ष्म कण पर्यावरण (Environment) में हर जगह मौजूद हैं। सूक्ष्म कण पहाड़ी और ध्रुवीय क्षेत्रों जैसे दूरस्थ स्थानों में भी पाए गए हैं।

ये कण भोजन, पानी और हवा के जरिए मानव शरीर में प्रवेश करते हैं। ये कण कैंसर (Cancer) का कारण भी बन सकते हैं।

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दूध के नमूनों का किया गया विश्लेषण

पॉलीमर्स पत्रिका (Polymers Magazine) में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, दूध के नमूनों का विश्लेषण रमन माइक्रो स्पेक्ट्रोस्कोपी डिटेक्शन एंड कैरेक्टराइजेशन ऑफ माइक्रोप्लास्टिक्स इन ह्यूमन ब्रेस्ट मिल्क द्वारा किया गया था।

शोध में 34 माताओं में से 26 के दूध में प्लास्टिक के कण पाए गए। कण का आकार दो माइक्रोन पाया गया। वहीं, पॉलिथीन, पीवीसी और पॉलीप्रोपिलीन से बने प्लास्टिक के सूक्ष्म कण मिले, ये सभी पैकेजिंग मटीरियल में पाए जाते हैं।

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जांच करने पर चिकित्सकों ने दिया जोर

यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटेनिका डेले मार्चे (University of Politenica delle Marche) की डॉक्टर नोटरस्टीफनो का कहना है कि इस पर शोध करने की जरूरत है कि गर्भावस्था (Pregnancy) और स्तनपान (Breastfeeding) के दौरान प्लास्टिक के कणों से कैसे बचा जाए। साथ ही प्रदूषण (Pollution) कम करने की जरूरत है।

गर्भवतियों को प्लास्टिक पैकेजिंग वाली वस्तुएं खाने से बचना चाहिए।

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