बिहार में बाढ़ से खराब सड़कों की अस्थायी मरम्मत की होगी जांच

News Aroma Media
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पटना: बिहार में बाढ़ से टूटी सड़कों की अस्थायी तौर पर किए गए मरम्मत कार्यों की जांच की जाएगी। जांच का जिम्मा कार्यपालक अभियंताओं को दिया जाएगा, लेकिन वे अधीनस्थ कार्य प्रमंडलों की जांच नहीं कर सकेंगे।

ग्रामीण कार्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग ने इस साल बाढ़ से क्षतिग्रस्त सभी सड़कों की मरम्मत की जांच रिपोर्ट तत्काल सभी अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं से मांगी है।

दरअसल, इस साल आई बाढ़ में राज्य की करीब छह हजार से अधिक ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ आया था, इस कारण सडकें क्षतिग्रस्त हो गई थीं।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद सरकार ने चयनित एजेंसियों से सडकों की अस्थाई मरम्मत करवाई थी। कहा जा रहा है कि इन अस्थायी मरम्मत को लेकर लगातार विभाग को शिकायत मिल रही है।

कहा जा रहा है कि कई जगहों पर मरम्मत के मानकों का पालन नहीं किया गया, जिस कारण राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन शिकायतों के बाद विभाग ने अस्थायी मरम्मत कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया है।

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सूत्रों के मुताबिक, जांच के बाद ही कार्य करने वाली एजेंसियों के पैसों का भुगतान किया जाएगा। सूत्रों का कहना की जांच रिपोर्ट की मुख्यालय स्तर पर जांच होगी। सूत्रों का कहना है कि इस जांच के बाद काम करवाने वाले कई इंजीनियरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

इधर, सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान खराब पाई गई सड़कों का नए सिरे से निर्माण कार्य भी करवाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद तत्काल आवागमन सेवा बहाल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए थे।

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