सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए PM मोदी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

High Level Meeting में सूडान में 3,000 से अधिक भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान देने के साथ PM को इस मामले में जमीनी हालात की पहली रिपोर्ट भी दी गई

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नई दिल्ली: Sudan में सेना और अर्धसैनिक बल (Military & Paramilitary Forces) के बीच चल रहे गृहयुद्ध के चलते वहां हालात बद से बदतर हैं।

ऐसे में वहां फंसे भारतीयों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने फिक्र जताई है और वहां से उनकी जल्द से जल्द निकासी के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा है।

इसके लिए PM Modi ने शुक्रवार (21 अप्रैल) को हाई लेवल मीटिंग (High Level Meeting) बुलाई।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि PM मोदी ने Sudan में सतर्क रहने, घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी करने और भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) की सुरक्षा का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।

PM ने Sudan से भारतीयों के लिए आकस्मिक निकासी योजना तैयार करने और उनमें सुरक्षा के हिसाब से तेजी से बदलाव करने और विकल्पों की व्यवहार्यता पर चलने का निर्देश दिया।सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए PM मोदी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग PM Modi called a high level meeting to evacuate the stranded Indians in Sudan

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सूडान में 3000 से अधिक भारतीय फंसे

बैठक में विदेश मंत्री (Foreign Minister) एस जयशंकर (S Jaishankar), वायु सेना और नौ सेना के प्रमुख, विदेश और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अलावा वरिष्ठ राजनयिक शामिल हुए।

जयशंकर वर्तमान के गुयाना के दौरे पर हैं। बता दें कि Sudan में 3000 से अधिक भारतीय इस समय फंसे हैं।

राजधानी खार्तूम (Capital Khartoum) में संघर्ष की वजह से इनकी निकासी में मुश्किलें आ रही हैं।सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए PM मोदी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग PM Modi called a high level meeting to evacuate the stranded Indians in Sudan

सूडान में हुई एक भारतीय की मौत

High Level Meeting में सूडान में 3,000 से अधिक भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान देने के साथ PM को इस मामले में जमीनी हालात की पहली रिपोर्ट भी दी गई।

Sudan की राजधानी Khartoum सहित देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा में एक भारतीय समेत 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

भारत ने गुरुवार (20 अप्रैल) को कहा था कि सूडान में स्थिति ‘‘बहुत तनावपूर्ण’’ है और वह भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब एवं मिस्र सहित विभिन्न देशों के साथ करीबी समन्वय कर रहा है।

पांच दिन बाद भी कम नहीं हुआ संघर्ष

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने नयी दिल्ली में कहा था, ‘‘ चार-पांच दिन बाद भी संघर्ष कम नहीं हुआ है, लड़ाई जारी है और स्थिति तनावपूर्ण है। ऐसे में हम भारतीयों से आग्रह करते हैं कि वे जहां हैं, वहीं रहें और बाहर न निकलें।’’उन्होंने कहा था, ‘‘ हम Sudan के घटनाक्रम पर बेहद करीबी नजर रख रहे हैं।

भारतीय समुदाय के सम्पर्क में दूतावास

सूडान में भारतीय दूतावास औपचारिक, अनौपचारिक माध्यम से भारतीय समुदाय के साथ सम्पर्क में है।’’ यह संघर्ष देश के सैन्य नेतृत्व के भीतर ताकत के संघर्ष का सीधा परिणाम है।

देश में सूडान की नियमित सेना और ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेस’ (ISF) नामक अर्द्धसैन्य बल के बीच टकराव के कारण यह हिंसा हुई है।

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