न्यूज़ अरोमा रांची: अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पंचायती राज लेखा लिपिक और जूनियर इंजीनियरों को शुक्रवार को पुलिस के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
दोपहर के समय आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर हाथों में बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए झारखंड मंत्रालय की ओर बढ़ने लगे।
इसी दौरान पुलिस से इनकी आमने-सामने झड़प हो गई।
इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक आंदोलनकारियों को चोटें आई हैं।
इन कर्मचारियों की ओर से बिरसा चौक के पास धरना दिया जा रहा था।
14वें वित्त आयोग के संविदा कर्मियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में कई संविदा कर्मियों को चोटे आई हैं।
उल्लेखनीय है कि संविदा कर्मी पिछले कई दिनों से बिरसा चौक पर धरना दे रहे थे।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया था।
जैसे ही जुलूस की शक्ल में बिरसा चौक से आगे बढ़ने की कोशिश की वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक रोका।
इस दौरान संविदा कर्मियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज किया।
लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। संविदा कर्मियों ने कहा कि डंडा क्यों मारते हो गोली मार दो।
लाठीचार्ज में धनबाद जिला के कनीय अभियंता शिव कुमार दास के पैर फ्रैक्चर और लेखा लिपिक सुजीत सोरेन का माथा में काफी ज्यादा चोट लगी हैं।
उल्लेखनीय है कि संविदा कर्मी अपने सेवा विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलनरत है।
बताया जाता है कि सभी जिलों में 14वें वित्त आयोग के शुरुआती वर्षों में (2015 -16) संविदा पर जूनियर इंजानियर और कंप्यूटर ऑपरेटर रखे गये थे।
हर प्रखंड में दो जूनियर इंजीनियर और प्रत्येक तीन पंचायत पर एक लेखा लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गयी थी।
14वें वित्त आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त हो गया।
इसके बाद पंचायतों में राशि शेष रहने के आधार पर जिलों के डीसी को इन कर्मचारियों को अधिकतम 3 माह का संविदा अवधि विस्तार करने को निर्देशित किया गया था।
पिछले 9 महीनों में संघ कर्मियों द्वारा अवधि विस्तार की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम सहित अन्य मंत्रियों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया था।
बावजूद अब तक सरकार तथा विभाग द्वारा किसी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं की गयी है।
संविदा विस्तार होने औऱ दूसरे मसलों को लेकर 17 दिसंबर, 2020 से कर्मी हड़ताल पर हैं। राज्यभर में एकाउंटेंट सह कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर इंजीनियरों की कुल संख्या 1600 है।
31 दिसंबर, 2020 के बाद से तकरीबन सभी बेरोजगार हो गये हैं। इन कर्मियों से पंचायत स्तर पर होने वाली सभी प्रकार के कार्यों में सेवा ली जाती थी।
कोरोना काल में सेवा देने के बावजूद अनेक कर्मियों का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है। इसी के विरोध में संविदा कर्मी घेराव करने जा रहे थे।