नए साल में सशर्त खुलेंगे कक्षा 1 से 8 तक के निजी व सरकारी स्कूल

News Aroma Media
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पटना: नये साल में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में प्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक के निजी समेत सभी सरकारी स्कूलों को खोलने की तैयारी की जा रही है।

कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के पुख्ता इंतजाम को ध्यान में रखकर मुख्य सचिव के स्तर पर आपदा प्रबंधन समूह की होने वाली अहम बैठक में स्कूलों के खोले जाने पर जल्द महत्वपूर्ण फैसला लिया जाएगा।

इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि स्कूलों के खोले जाने के बाद प्रारंभिक स्कूलों के बच्चों को बगैर परीक्षा में शामिल कराये उन्हें अगली कक्षाओं में प्रोन्नति देने पर भी निर्णय लिया जाएगा।

शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि सरकार ने 28 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों को खोलने की सशर्त अनुमति दी गई थी, लेकिन इससे निचली कक्षाओं के स्कूलों को खोलने पर अभी तक पाबंदी लगी हुई है।

इससे प्राइवेट समेत सरकारी स्कूलों के करीब 1 करोड़, 66 लाख बच्चे स्कूलों से दूर हैं और ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भर हैं।

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इस अधिकारी ने बताया कि विभाग ने मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजा है कि कोविड-19 के कड़े सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर इस माह सभी स्कूलों में शर्तों के साथ पहली से आठवीं तक के कक्षाओं का संचालन की अनुमति दी जाए।

इससे पहले सरकारी एवं निजी स्कूलों में रोटेशन में बच्चों को बुलाने व उनकी सुरक्षा उपायों पर ज्यादा ध्यान देने पर फोकस किया जाए। इसके लिए स्कूलों में सुरक्षा के उपायों की तैयारी करनी होगी।

यह शर्त भी होगा कि किसी भी कंटेनमेंट जोन के विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी स्कूल नहीं आएंगे। कक्षाओं के संचालन के लिए कोरोना गाइड-लाइन का सख्ती से अनुपालन करना होगा।

विद्यालय अपने स्तर से विद्यार्थियों और शिक्षकों का शिड्यूल निर्धारित करेंगे। सरकार के दिशा-निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी और उसकी निगरानी संबंधित जिलाधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारी के ऊपर रहेगी। उन्हें मास्क, सैनिटाइजर आदि एहतियात के साथ शारीरिक दूरी का अनुपालन कराना होगा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समूह की प्रस्तावित बैठक में स्कूलों के बारे में और भी महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाएंगे। अगले साल से बच्चों को राशि के बदले किताबें मुहैया करायी जाएंगी।

इस पर विभाग ने नीतिगत निर्णय लिया है पर सरकार के स्तर पर सहमति मिलने का अभी इंतजार है।

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