खूंटी में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर निकला जुलूस, प्रार्थना सभा का आयोजन

News Aroma Media
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खूंटी: सरना धर्म समन्वय समिति, संयुक्त पड़हा महासभा, सरना धर्म सोतो समिति तथा सरना संगोम समिति खूंटी के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को स्थानीय पतरा मैदान में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर सरना धर्म प्रार्थना सभा सह विजय जुलूस का आयोजन किया गया।

सुखराम मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया।

तत्पश्चात विभिन्न क्षेत्रों से आए पाहनों की मंडली द्वारा सरना विधि विधान से सृष्टिकर्ता सिंहबोंगा की पूजा अर्चना की गई।

घंटों चले इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए सरना धर्म के प्रतिनिधियों ने झारखंड विधानसभा से सरना धर्म कोड लागू करने संबंधी प्रस्ताव पारित कराने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को साधुवाद दिया और केंद्र सरकार से वर्ष 2021 में होने वाले जनगणना प्रपत्र में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की।

पड़हा राजा सोमा मुंडा ने कहा कि देश के 28 राज्यों में निवास करने वाले सरना धर्मावलंबी की संख्या जैन धर्मावलंबियों की संख्या से अधिक है।

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इसके बावजूद जनगणना प्रपत्र में अब तक सरना धर्मावलंबियों के लिए अलग से कोड लागू नहीं करना समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि पृथक बहै तथा जल जंगल जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है।

सरना धर्म समन्वय समिति के संयोजक मथुरा कंडीर ने कहा कि सरना धर्म के संरक्षण व संवर्धन के लिए 2021 के जनगणना प्रपत्र के धार्मिक कॉलम में सरना धर्म दर्ज करना चाहिए।

रवि तिगा ने कहा कि कर्रा प्रखंड में प्रस्तावित भारत माला सड़क प्रोजेक्ट को बंद करना चाहिए क्योंकि इस प्रोजेक्ट से 40 गांव के आदिवासी मूलवासी जल जंगल जमीन से बेदखल हो जाएंगे।

दिशूम पड़हा के संयोजक महादेव मुंडा ने कहा कि झारखंड प्रदेश कृषि पर आधारित प्रदेश है अतः प्रदेश के आदिवासी मूलवासी व किसानों के उन्नति के लिए प्रदेश में कृषि उद्योग को बढ़ावा देना चाहिए।

पतरा मैदान में आयोजित सभा के पश्चात झारखंड विधानसभा से सरना कोड के प्रस्ताव पारित होने की खुशी में एक विशाल विजय जुलूस निकाला गया।

यह विजय जुलूस नेताजी चौक भगत सिंह चौक होता हुआ कचहरी परिसर स्थित बिरसा पार्क तक गया जहां बिरसा की आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जुलूस का समापन हुआ।

लगभग 2 किलोमीटर लंबी विजय जुलूस में विभिन्न क्षेत्रों से आए आदिवासी समाज के लोग सरना तथा पड़हा झंडा के साथ पारंपरिक वेशभूषा में ढोल नगाड़ा व मांदर की थाप में नाचते गाते चल रहे थे।

विजय जुलूस का नेतृत्व पडहा राजा सोमा मुंडा, मथुरा कंडीर, बगराय ओड़ेया आदि कर रहे थे।

इस कार्यक्रम में खूंटी जिले के विभिन्न प्रखंडों सहित रांची, लोहरदगा, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, लातेहार, रामगढ़, आदि जिलों से भी बड़ी संख्या में सरना धर्मावलंबी शामिल हुए।

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