झारखंड में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा के विरोध में 10 को हंदकल लुआठी

News Aroma Media
1 Min Read

रामगढ़: झारखंड में चल रहे भाषायी आंदोलन को लेकर रामगढ़ नगर परिषद वार्ड नं 26 कैथा फुटबॉल मैदान में बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता वार्ड पार्षद देवधारी महतो व संचालन राजेश कुमार महतो ने किया। बैठक में निर्णय हुआ कि झारखंड में मान्यता प्राप्त भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा को निरस्त करने को लेकर 10 फरवरी को हंदकल लुआठी निकाली जाएगी।

इस अवसर पर वार्ड पार्षद देवधारी महतो ने कहा कि झारखंड राज्य संघर्ष और आंदोलन से मिला है। झारखंड की भाषा और संस्कृति पर बाहरी लोगों का अतिक्रमण स्वीकार नहीं होगा।

झारखंड सरकार को भाषायी अतिक्रमण को समाप्त कर 1932 के स्थानीयता को लागू करना होगा।

राजेश कुमार महतो ने कहा कि धनबाद, बोकारो जिला में लागू भोजपुरी, मगही जैसे बाहरी भाषा का जुलूस के माध्यम से विरोध किया जाएगा। उपस्थित लोगों ने झारखंड सरकार से 1932 खतिहान लागू करने की मांग की है।

- Advertisement -
sikkim-ad

बैठक में मुनिनाथ महतो, धीरु कुमार, रामप्रकाश महतो, पनेश्वर महतो ,करण कुमार महतो, संजय महतो, प्रकाश महतो, प्रवीण महतो, सरवन कुमार, अजय आस्था, मोहित महतो, शिव कुर्मी, टिंकू पटेल, डब्लू कुमार, राहुल कुमार, बृजेश महतो, तुलसी महतो, विक्रम कुमार, मनीष कुमार, राहुल कुमार, अजीत कुमार आदि उपस्थित थे।

Share This Article