रामगढ़ में दिखेगा चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ का असर, मौसम विभाग ने किया अलर्ट जारी

News Aroma Media
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रामगढ़: समुद्र में निम्न दबाव के कारण उठा तूफान जवाद का असर रामगढ़ जिले में आंशिक रूप से देखने को मिलेगा। शनिवार को मौसम विभाग ने इसके लिए अलर्ट जारी किया है।

इसके प्रभाव के कारण शनिवार तथा रविवार को आसमान में बादल देखने को मिलेंगे। 5 दिसंबर को अधिकतर जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है। रामगढ़ के पूर्वी भाग जैसे गोला, चितरपुर, दलमी में भारी वर्षा भी देखने को मिल सकती है।

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ दुष्यंत कुमार राघव ने किसानों को सुझाव दिया कि वे अपने कटे फसल को जो खेतों में पड़े हुए हैं जल्द से जल्द किसी सुरक्षित स्थान में रख लें।

जिनके खेतों में अभी भी धान की फसल खड़ी है वो कटाई का काम कुछ दिनों के लिए टाल के रखें | इसके साथ खेतों में जल निकासी के लिए मेढ़ों को काट कर नालियाँ बनाएँ। किसान पटवन और कीटनाशक, दवाइयाँ देने का काम स्थगित रखें।

छह दिसंबर के बाद मौसम साफ़ होने के पश्चात् किसान बचे हुए धान की फसल की कटाई के तुरंत बाद खेतों की जुताई कर दें। चावल के भण्डारण के लिए बीज की नमी 10 से 12 प्रतिशत से अधिक न रखें।

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भंडार घर को कीटाणु रहित करने के लिए नुवान का छिडकाव दो मि०ली०/ली० पानी में मिलाकर करें।

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मौसम साफ होते ही तापमान में चार डिग्री की गिरावट

मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ दुष्यंत कुमार राघव ने बताया कि जैसे जैसे आसमान साफ़ होगा तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट होने का अनुमान है।

इसी के अनुसार किसान उन खेतों के लिए जहाँ आलू की बुआई 20 से 30 दिन पहले हुई है। फसल अवशेष से मल्चिंग का प्रबंध करें।

अभी के मौसम में फसलों, सब्ज़ियों में लाही कीट के प्रकोप के लिए प्रारंभिक अवस्था में नीम निर्मित कीटनाशी (नीमार्क, नीमेरिन, निम्बीसिडिन) का प्रयोग करें।

जिन किसानों के पास चार से पांच सिंचाई की व्यवस्था है वो गेहूँ (असिंचित), आलू या हरा मटर की खेती क़र सकते हैं। दो से तीन सिंचाई होने पर चना, मसूर, तीसी, सरसों आदि की खेती करें।

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