झारखंड : इस गांव में पहुंचे CM हेमंत, लाभुकों को योजनाओं का दिया लाभ, कहा- हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और पलायन रोकेंगे

News Aroma Media
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रामगढ़ : सरकार की योजनाएं और कार्य जन-जन तक पहुंचें। राज्य के सुदूर ग्रामीण इलाकों में अंतिम पंक्ति के लोगों को इसका लाभ मिले, यह हमारा संकल्प है।

जनता के प्रति इसी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए ‘आपके अधिकार, आपकी सरकार आपके द्वार’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत राज्य के गांव-गांव और पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को जिले के गोला स्थित लुकैयाटांड़ में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी सुदूर इलाकों में रहनेवाले लोगों को नहीं होती है। इस वजह से वे इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

ऐसे ही लोगों को जागरूक और योजनाओं से जोड़ने के लिए आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से जुड़कर आप राज्य के विकास में सहभागी बनें।

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दफ्तरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर जरूरतमंदों को हमेशा ही सरकारी दफ्तरों का कई बार चक्कर लगाना पड़ता है।

ऐसे में लोगों को इस तरह की समस्याएं न हो, आपकी समस्याओं का समाधान आपके दरवाजे पर हो, इसी मकसद से यह अभियान चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में लोगों की रोजी-रोटी पर संकट पैदा हो गया था। विषम परिस्थितियों में सरकार ने गरीबों और जरूरतमंदों का पूरा ख्याल रखने का प्रयास किया।

लोगों को अपने ही घर पर रोजगार देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गयीं। अब जब स्थिति सामान्य हो रही है, तो कई और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है।

इस मौके पर उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से लोगों को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और लोगों की आय में वृद्धि हो, यह सरकार की विशेष प्राथमिकता है।

इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पशुधन योजना और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना समेत कई योजनाएं चलायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान पता चला कि राज्य के लाखों मजदूर बड़े शहरों में काम करने को मजबूर हैं।

अब ऐसे मजदूरों को अपने ही गांव-घर में रोजगार मिले, यह सरकार प्रयास कर रही है। इससे पलायन को रोकने में कामयाब होंगे।

अहर्ता रखनेवाले सभी को दे रहे पेंशन मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अर्हता होने के बावजूद कई जरूरतमंदों और गरीबों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था

इस वजह से सरकार ने सार्वभौमिक पेंशन योजना शुरू की है। इसमें पेंशन के लिए लाभुकों की संख्या सीमा समाप्त कर दी गयी है। सरकार ने 60 साल से ज्यादा उम्र के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने का निर्णय लिया है। वहीं, सभी विधवाओं, परित्यक्ता और दिव्यांगों को भी पेंशन मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूह को सशक्त बनाने के लिए पूंजी उपलब्ध करायी जा रही है। इसके अलावा सखी मंडलों के उत्पाद को व्यावसायिक रूप देने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

इसके लिए पलाश ब्रांड के माध्यम से उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का काम सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि सखी मंडलों के उत्पादों का टर्नओवर 15 सौ करोड़ करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना के 10, प्रधानमंत्री आवास योजना के 10, मनरेगा शेड के पांच, मुख्यमंत्री पशुधन योजना के 10, फूलो-झानो योजना के पांच, कंबल वितरण और पेंशन स्वीकृति के पांच, मच्छरदानी वितरण योजना के पांच लाभुकों के बीच सांकेतिक रूप से परिसंपत्तियों का वितरण किया।

इसके अलावा सांकेतिक तौर पर जेएसएलपीएस एसएसजी बैंक लिंकेज योजना के तहत पांच सखी मंडलों के बीच पांच करोड़ रुपये, भैरवा जलाशय में अंगुलिका संचयन के लिए छह लाभुकों को संयुक्त रूप से 18 लाख रुपये, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत दो लाभुकों को क्रमश 25 लाख और 15 लाख रुपये तथा दो लाभुकों को भू-बंदोबस्ती पट्टा सौंपा गया।

इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने शहीद सोबरन सोरेन को 64वें शहादत दिवस पर नमन किया। उन्होंने लुकैयाटांड़ स्थित शहीद स्थल पर शहीद सोबरन सोरेन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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