रांची: झारखंड में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले (Money Laundering Cases) में जेल में बंद कुछ अभियुक्त ED के अफसरों (ED Officers) को झूठे मुकदमे में फंसाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे हैं। यह दावा ED ने PMLA कोर्ट में दिए गए आवेदन में किया है।
इसी आवेदन के आधार पर कोर्ट की इजाजत के बाद ED ने शुक्रवार की दोपहर रांची के बिरसा मुंडा जेल (Birsa Munda Jail) में छापामारी की थी। एजेंसी ने जेल के कुछ CCTV फुटेज जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
ED का कहना है कि उसके अफसरों को झूठे मुकदमों में फंसाने और मनी लॉन्ड्रिंग के मुकदमों के सरकारी गवाहों को प्रभावित करने की साजिश में झारखंड सरकार के कुछ अफसर भी शामिल हैं। जेल प्रशासन के अफसर भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।
ED का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग के अभियुक्त उनके अफसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों के भी संपर्क में हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई थी।
शुक्रवार को जेल में हुई छापेमारी के बाद एजेंसी ने कई और सबूत जुटाये हैं। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आ रही है कि ED के हाथ एक ऑडियो क्लिप लगा है, जिससे खुलासा हुआ कि शुक्रवार को ही रांची पुलिस के एक अधिकारी ने जेल में रेड पड़ने से पहले मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी प्रेम प्रकाश और अमित अग्रवाल से मुलाकात की थी।
दो दर्जन से ज्यादा लोगों को जेल की सलाखों के भीतर पहुंचाया
ED सूत्रों का कहना है कि उसके अधिकारियों के खिलाफ साजिश रचने के लिए रांची पुलिस के एक बड़े पुलिस अधिकारी से मदद मांगी गयी थी। ऑडियो क्लिप की जांच के बाद ED जल्द इस बड़ी साजिश का पर्दाफाश कर सकती है।
ED CCTV फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि रांची पुलिस के किस अधिकारी ने प्रेम प्रकाश एवं अमित अग्रवाल से मुलाकात की थी।
बता दें कि लैंड स्कैम, बालू के अवैध कारोबार, शराब टेंडर में हुए कथित घोटाले और अवैध खनन जैसे करोडों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की जांच कर रही ED ने बीते डेढ़ वर्षों में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को जेल की सलाखों के भीतर पहुंचाया है।
इनमें से पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश, अमित अग्रवाल समेत कई दूसरे कैदी ED के अफसरों के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। खबर है कि इस मामले में ED बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट, जेलर सहित कई अन्य को समन करने की तैयारी कर रही है। ED का दावा है कि जेल प्रशासन ने संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित CCTV फुटेज जानबूझ कर डिलिट किए हैं।