महंगाई की मार से जनता परेशान, महिलाओं को गिरवी रखना पड़ा मंगलसूत्र: कांग्रेस

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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ. राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि कोरोना की वार और महंगाई की मार से देश की जनता परेशान है।

वहीं आज एक बार फिर पेट्रोल डीजल की दाम बढ़ गयी है। इस संकटकाल में लोगों को अपना घर-परिवार चलाने के लिए विवश होकर सोने के जेवरात को भी बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखना पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले सात सालों के कुशासन का सबूत है कि आर्थिक परेशानियों की वजह से देश में बहन-बेटियों को मंगलसूत्र तक गिरवी रखने के लिए मजबूर होना पड़ा।

एक रिपोर्ट के अनुसार तमाम विपरीत परिस्थितियों की वजह से महिलाओं को अपने जेवरात को गिरवी रखकर लोन लेना पड़ा।

सोने-चांदी के जेवरात में 40 प्रतिशत से ज्यादा मंगलसूत्र गिरवी रखे गये।

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इसके अलावा गले की चेन, सोने की चूड़ियां, सोने की अंगूठियां और बिस्किट तथा सिक्के भी लोगों ने गिरवी रखकर 400 करोड़ से ज्यादा कर्ज बैंकों से लिया। साथ ही 200 करोड़ मुत्थुट फाइंनेंस और 100 करोड़ रुपये मणप्पुरम से लोन किया गया।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लालकिशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि देश की एक बड़ी आबादी लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी नौकरी छीन जाने तथा उद्योग-व्यवसाय ठप्प हो जाने से त्रस्त हैं, वहीं केंद्र सरकार ने महंगाई के मसले पर आंखें मूंद रखी है।

एक बार फिर पेट्रोल-डीजल दोनों इंधनों की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है। पेट्रोल की कीमत में 35 पैसे प्रति लीटर और डीजल के नाम में 18 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।

रांची में पेट्रोल अब 94.97 रुपये और डीजल 94.30रुपये प्रति लीटर हो गया है।

पेट्रोल और डीजल की कीमत में अब सिर्फ 67 पैसे का अंतर रहना भी केंद्र सरकार की गैरजिम्मेदाराना रवैये को जाहिर करता है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि एक ओर जनता महंगाई से त्रस्त हैं, वहीं मोदी सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए किसी भी स्तर पर जाने को तैयार है। लेकिन अब राफेल का सच नहीं छिपेगा।

फ्रेंच लोक अभियोजन सर्विसेज ने राफेल घोटाले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।

अप्रैल 2021 में मीडिया पार्ट द्वारा किये गये कए खुलासे के इन तथ्यों के आधार पर कि राफेल सौदे में बिचौलियों की भूमिका है और भारत के प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जानकारी के बावजूद मामले की जांच करने में लापरवाही बरती गयी, को लेकर फ्रांस में इस घोटाले की जांच शुरू हुई है।

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