रांची: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान के कारण पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण झारखंड में जनजीवन प्रभावित है।
बारिश से जहां धान के फसल लहलहा गए हैं वहीं सब्जी उत्पादकों के चेहरे पर मायूसी है।
राज्य की नदियां और डैम खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गए हैं। कई जिलों में तटबंध टूट गए हैं।
बीते 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश 89.7 मिमी हजारीबाग में हुई। उसके बाद धनबाद में 80 मिमी और कोडरमा 71 मिमी दर्ज की गई। रांची में 30 मिमी बारिश हुई।
तेज हवा के साथ राजधानी रांची में बुधवार को भी रूक-रूक कर दिनभर बारिश होती रही। रांची में 48 घंटे में पारा आठ डिग्री गिरा है।
19 तक छाए रहेंगे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि इस मॉनसून सीजन में पहली बार डीप डिप्रेशन बना है।
बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर डीप डिप्रेशन में बदल गया है, जिसके असर से पूरे राज्य में बारिश हो रही है। डीप डिप्रेशन समुद्र में तूफान बनने से पहले की स्थिति है।
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान से होने वाली बारिश में गुरुवार से कमी आयेगी और मौसम के साफ रहने की उम्मीद है लेकिन 19 सितंबर तक बादल छाये रहेंगे।
अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि हवा की गति सात से दस किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।
कांची नदी पर बना पुल ढहा, बुंडू और सोनाहातू का संपर्क टूटा
रांची के कई गली मोहल्लों में पानी जमा हो गया है और लोगों को काफी समस्याएं हो रही हैं।
बारिश से कांची नदी पर बना सोनाहातू, बुढाडीह-हाराडीह को जोड़ने वाला हाराडीह उच्च स्तरीय पुल एक बार फिर से पूरी तरह से गिर गया है।
तमाड़ प्रखंड से बुंडू और सोनाहातू प्रखंड का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
लगातार हो रही बारिश से राजधानी के अपर बाजार, गितिल कोचा, कोकर आदि जगहों पर पानी जमा हो गया।
तोपचांची झील, मैथन और पंचेत डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश से धनबाद के तोपचांची झील, मैथन और पंचेत डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
इधर, जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। जमशेदपुर शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पानी में डूबी फोरलेन सड़क, दामोदर नदी का बढ़ा जलस्तर
रामगढ़ जिले में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने फोरलेन सड़क तक को नदी की शक्ल में तब्दील कर दिया।
रामगढ़ पतरातु मुख्य फोरलेन सड़क पर बरकाकाना के समीप बनी एक पुल में लगभग ढाई फीट तक लबालब पानी भर गया।
नदी की धार की तरह पानी सड़क से नीचे बह रहा था। इसकी वजह से रामगढ़ पतरातू मार्ग पर लगभग चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
इस पुल पर पानी इतना अधिक जम गया था कि मोटरसाइकिल और अन्य गाड़ियों का गुजरना मुश्किल हो गया था।
बारिश की वजह से बरकाकाना ओपी पुलिस ने भी पुल के आसपास पेट्रोलिंग गाड़ी खड़ी कर दी थी, ताकि कोई भी व्यक्ति उधर से ना गुजरे।
जिले में बारिश की वजह से दामोदर नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है।
हालांकि, यह नदी अभी खतरे के निशान को पार नहीं कर पाई है लेकिन जिला प्रशासन ने अभी से ही अलर्ट करना शुरू कर दिया है। यही स्थिति भैरवी नदी की भी है।
रजरप्पा मंदिर के आसपास भी लगने वाले दुकानों में पानी घुस गया है। रजरप्पा मंदिर में भी श्रद्धालुओं को अलर्ट किया गया है।
अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकराई, दो की मौत
रामगढ़ में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश अब लोगों की जान ले रही है।
बारिश की वजह से एनएच-33 पर बुधवार को एक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।
कुज्जू ओपी प्रभारी अवधेश कुमार के मुताबिक बोंगाबार फोरलेन के पास एक असंतुलित स्विफ्ट डिजायर कार डिवाइडर से टकरा गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पलट गई। इस हादसे में कार पर सवार पांच लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
इनमें से दो लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है, जबकि तीन लोगों को बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने रिम्स रेफर कर दिया है।
कार सवार सभी लोग मां छिन्नमस्तिके मंदिर रजरप्पा पूजा-अर्चना के लिए जा रहे थे।
कोयल नदी उफान पर
लोहरदगा जिले में हो रही बारिश से भारी नुकसान हुआ है। शहरी क्षेत्र में बड़ा तालाब के पीछे के घरों में पानी घुस गया है।
लोहरदगा-रांची रोड में सिठियो कोयल नदी उफान पर है और नदी का पानी पुल को छू रहा है। इसके चलते इस सड़क पर आवागमन रोक दिया गया है।
इतना ही नहीं ग्रामीण इलाकों में दो दर्जन से ज्यादा कच्चे मकान गिर गए हैं। कई जगह पेड़ भी गिरे हैं। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं।
खेतों में पानी भर गया है और धान की बालियां गिर गई हैं। इससे फसलों के बड़े पैमाने पर नुकसान की उम्मीद जतायी जा रही है।
लगातार हो रही बारिश से खेतों में लगी सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। किसान परेशान हैं।
खूंटी में जन जीवन प्रभावित, व्यवसाय पर भी असर
खूंटी जिले में भी मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाजारों में वीरानगी छाई रही।
अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कुछ दुकानें खुली भी तो वहां ग्राहक नजर नहीं आए। दुकानदार भी परेशान रहे।
इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति काफी कम रही। स्कूलों में भी विद्यार्थी कम ही पहुंचे।
बारिश का क्रम अभी भी जारी रहने के कारण दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष भी परेशानी उत्पन्न हो गई है।
इधर, जिला प्रशासन ने अंचलाधिकारियों को बारिश से नुकसान का आकलन का निर्देश दिया है।