रांची: हजारीबाग के बड़कागांव के पूर्व विधायक और कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को अपर न्यायाधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने सोमवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
उन पर खनन कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण में बाधा डालने के आरोप था।
मामले में अदालत ने योगेन्द्र साव की पत्नी और बड़कागांव की पूर्व विधायक निर्मला देवी को दोषी करार दिया है।
उनके साथ मंटू सोनी को भी सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप को सत्य पाते हुए कोर्ट ने दोषी करार दिया है।
दोनों को कोर्ट ने एक महीने की सजा सुनाई है। यह जानकारी अपर लोक अभियोजक परमानंद यादव ने दी।
उल्लेखनीय है कि योगेंद्र साव के खिलाफ रांची सिविल कोर्ट में कई मामले लंबित हैंए जो एनटीपीसी भूमि अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है।
योगेंद्र साव फिलहाल जेल में बंद हैं। निचली अदालत के बाद झारखंड हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है।