रांची में नौ माह से बंद है वकीलों की आमदनी, परिवार के भरण पोषण पर आफत, फिजिकल कोर्ट की मांग को लेकर बना रहे आंदोलन का मूड

News Aroma Media
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रांची: करीब एक सप्ताह बाद रांची सिविल कोर्ट का कामकाज शुरू तो हो गया, लेकिन अब भी कार्य वर्चुअली ही निष्पादित किए जा रहे हैं। केस का ट्रायल बंद है।

अधिवक्ताओं की आय पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे में फिजिकल कोर्ट की मांग को लेकर रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता आंदोलन पर हैं।

मालूम हो कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए मार्च के तीसरे सप्ताह से ही कोर्ट का कामकाज वर्चुअल चल रहा है। ऐसे में सिर्फ आवश्यक कार्य ही हो रहे हैं।

सरकार व अदालता को चिंता नहीं

रांची जिला बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रशासन पवन रंजन खत्री ने कहा कि पिछले नौ माह से अधिवक्ताओं की आय बंद है।

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परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। वहीं, सरकार और अदालत काे इसकी चिंता नहीं है।

पवन रंजन खत्री ने कहा कि जब मॉल, रेस्त्रां, होटल, परिवहन आदि सामान्य हो गए ताे फिर कोर्ट अब तक फिजिकल क्यों नहीं हो रहा है।

एसोसिएशन की बैठक कल, तय होगी आंदोलन की रणनीति

पवन रंजन खत्री ने बताया कि कोर्ट का रुख अधिवक्ताओं के खिलाफ है। ऐसे में अधिवक्ताओं को ही आगे का निर्णय लेना होगा।

सोमवार को कोर्ट परिसर में बार एसोसिएशन की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की रूप रेखा पर चर्चा की जाएगी। जरूरत पड़ी तो अपने हितों के लिए अधिवक्ता कार्य बहिष्कार का निर्णय लेने से भी नहीं चूकेंगे।

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